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दिल्ली: वैक्सीन पर वयस्कों से ज्यादा भरोसा किशोरों का, अकेले ही खुराक लेने पहुंच रहे केंद्र, सोशल मीडिया पर औरों से भी की अपील

Mon, 03 Jan 2022 10:16 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

राजधानी में 159 टीकाकरण केंद्रों पर 15 से 18 वर्ष के बीच आयु वालों को वैक्सीन लगना शुरू हुआ है। इन्हें कोवाक्सिन की जा रही है जिसकी दोनों खुराक 28 दिन के अंतराल में लेना जरूरी है।
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मनाली में किशोरी ने लगवाई वैक्सीन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सुबह 10 बजे का वक्त है, लक्ष्मी नगर के बैंक एन्क्लेव स्थित डिस्पेंसरी में करीब 10 बच्चे कुर्सियों पर बैठे हुए थे। यहां सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए एक के बाद दूसरी कुर्सी खाली थी। थोड़ी ही देर में अंदर से एक नर्स की आवाज आई, 'मयूर, मयूर'। इसी बीच अपना सीधा हाथ खड़ा करते हुए एक बच्चा बोला, 'हां जी, मैं यहीं हूं'। वह अंदर गया और करीब चार से पांच मिनट बाद वैक्सीन लगाकर बाहर आ गया।

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मयूर की चाल से उसके टीका लेने का उत्साह पता चल रहा था। केंद्र से बाहर आने के बाद मयूर ने बताया कि उसकी उम्र 17 वर्ष है। वह यहां अकेला ही टीका लेने के लिए आया है। उसने ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट भी नहीं लिया था। केंद्र पर आकर ही पंजीयन करवाया और फिर 10 मिनट से भी कम समय में टीका के लिए बुलाया गया। मयूर ने कहा कि मुझे पहले से ही डर नहीं था। वैक्सीन के बारे में बहुत कुछ लोग बोल रहे थे। मेरे घर में सभी ने वैक्सीन ली हुई है। किसी को कोई दिक्कत नहीं है। मुझे बस यह था कि जब सुई लगेगी तो शायद थोड़ा दर्द हो। यह डर भी तब गायब हो गया जब नर्स ने मेरा नाम पूछा और घर के बारे में पूछा। बस फिर उसके बाद उन्होंने कहा कि जाओ थोड़ी देर बाहर निगरानी कक्ष में बैठो। मुझे ही पता ही नहीं चला कि कब वैक्सीन लग गई।

बच्चों ने खुशी-खुशी ली वैक्सीन
मयूर के बाद साक्षी, दीक्षा, आदित्य, सुमेध, रवि और अलका के अलावा तुषार ने भी यहां वैक्सीन ली और इन सभी की लगभग यही प्रतिक्रिया रही कि टीका के प्रति भरोसा रखें और आगे आकर टीकाकरण कराएं। इन लोगों ने अपनी अपनी सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की है। लक्ष्मी नगर के ही कन्या महाविद्यालय कशिश दुबे वैक्सीन लगवाने के बाद निगरानी कक्ष में बैठी हुई थी। कशिश की उम्र 17 वर्ष पांच माह है। कशिश ने कहा कि सर, मुझे बिलकुल डर नहीं लगा। औरों को भी डर नहीं लगना चाहिए। कोई फील ही डर जैसी नहीं होती है। मैं अभी सेफ हूं और यहां ऑर्ब्जवेशन में हूं। मैं बस यही कहना चाहती हूं कि यू विल फील सेफ। इंजेक्शन लगने के बारे में पता नहीं चलता। हम सब ट्रैवल करते हैं इसलिए हमें वैक्सीन लेना चाहिए।
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 60 हजार से अधिक पंजीयन
दरअसल, राजधानी में 159 टीकाकरण केंद्रों पर 15 से 18 वर्ष के बीच आयु वालों को वैक्सीन लगना शुरू हुआ है। इन्हें कोवाक्सिन की जा रही है जिसकी दोनों खुराक 28 दिन के अंतराल में लेना जरूरी है। बीते एक जनवरी से इन बच्चों का कोविन वेबसाइट पर पंजीयन भी हो रहा है। इसके चलते सोमवार दोपहर तक 60 हजार से भी अधिक पंजीयन हुए हैं। वहीं, शाम तीन बजे तक दिल्ली के अलग-अलग केंद्रों को मिलाकर करीब 11 हजार से अधिक बच्चे वैक्सीन की पहली खुराक प्राप्त कर चुके थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दिल्ली में वैक्सीन लेने वाले बच्चों की संख्या तकरीबन 10.84 लाख है। साल 2005 से 2007 के बीच जन्मे बच्चे वैक्सीन ले सकते हैं। 

आरएमएल में दोस्तों के साथ पहुंचीं बेटियां
अब लगभग दोपहर 12 बजे का वक्त था। नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में करीब सात दोस्तों का एक ग्रुप था। यह सभी 12वीं कक्षा की छात्रा हैं और दो दिन से ये एकसाथ वैक्सीन लेने की प्लानिंग कर रही थीं। इनमें से एक अंकिता बताती हैं, ‘मैं और मेरे सभी फ्रेंड काफी दिन से प्लानिंग कर रहे थे। हमें वैक्सीन लेने का कोई डर नहीं था, बल्कि हम इसे इन्जॉय की तरह देख रहे थे। हम यहां आए और वैक्सीन लेने के बाद ग्रुप सेल्फी भी ली है। हमने सोशल एकाउंट के अलावा अपने स्कूल के ग्रुप पर भी शेयर किया है ताकि हमारे दूसरे साथी भी जल्दी से वैक्सीन ले लें।’

स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे अस्पताल, बच्चों ने जताई खुशी
इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया आरएमएल के टीकाकरण केंद्र पहुंचे। केंद्र में प्रवेश करते ही वे सबसे पहले टीकाकरण के इंतजार में बैठे बच्चों से मिले। उन्होंने यहां एक एक की कुर्सी के पास जाकर उनसे वैक्सीन के बारे में पूछा और फिर निगरानी कक्ष में जाने के बाद बच्चों से उनका अनुभव पूछा। बाहर आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बच्चों में काफी उत्साह है और आत्मविश्वास भी है। कई बच्चे अकेले ही वैक्सीन लेने आए हैं। यह हमें वैक्सीन के प्रति भरोसा बनाने की सीख दे रहे हैं।

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