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दिल्ली: व्हाट्सएप-फेसबुक की याचिका पर सिंगल जज के आदेश पर रोक लगाने से इंकार, जवाब दाखिल करने को दिया समय

Mon, 03 Jan 2022 10:01 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पीठ व्हाट्सएप और फेसबुक की सिंगल जज के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसने मैसेजिंग ऐप की नई गोपनीयता नीति की जांच के लिए सीसीआई के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।) - फोटो : iStock
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विस्तार
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उच्च न्यायालय ने सोमवार को व्हाट्सएप और फेसबुक को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा उन्हें जारी नोटिस पर जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान कर दिया। फिलहाल अदालत ने व्हाट्सएप और फेसबुक की याचिका पर सिंगल जज के आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।

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न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने सोमवार को कहा कि प्रतिवादियों द्वारा अभी तक अंतिम रूप दिए जाने वाले डेटा संरक्षण विधेयक को 30 मार्च 2022 के लिए स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय देना उचित होगा। अदालत ने मामले की सुनवाई 30 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

पीठ व्हाट्सएप और फेसबुक की सिंगल जज के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसने मैसेजिंग ऐप की नई गोपनीयता नीति की जांच के लिए सीसीआई के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। व्हाट्सएप की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अदालत को बताया कि सीसीआई नोटिस के जवाब पर जोर दे रहा है, जबकि मामला अदालतों में लंबित है और न्यायिक विचाराधीन है।
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दूसरी ओर सीसीआई की और से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने कहा कि 30 जुलाई 2021 को लगाई गई रोक और 27 अगस्त 21 तक बढ़ा दी गई थी, जिसे बाद में 11 अक्टूबर 21 को रोक संबंधी आदेश रद्द कर दिया गया था। व्हाट्सएप को 4 जून को नोटिस भेजा गया था, जबकि फेसबुक को 8 जून को सीसीआई द्वारा सूचना और कुछ सवालों के जवाब के लिए नोटिस भेजा गया था।

इससे पहले हाईकोर्ट ने डीजी, सीसीआई से यह ध्यान रखने का आग्रह किया कि अपीलकर्ता (व्हाट्सएप और फेसबुक) के खिलाफ जांच इस अदालत की डिवीजन बेंच के समक्ष न्यायिक विचाराधीन है। पीठ ने यह भी कहा था कि उसके विचार में, इसमें कोई संदेह नहीं है कि डीजी द्वारा आक्षेपित नोटिस जारी करना स्वत: संज्ञान मामले में शुरू की गई। जांच को आगे बढ़ाने का एक कदम है, जिसमें जांच चुनौती का विषय है।

पीठ ने कहा हम इस स्तर पर 4 जून 21 के आक्षेपित नोटिस के संचालन पर रोक लगाना उचित नहीं समझते। 22 अप्रैल 21 को दिल्ली उच्च न्यायालय के सिंगल जज ने मैसेजिंग ऐप की नई गोपनीयता नीति की जांच के लिए सीसीआई के आदेश को चुनौती देने वाली फेसबुक और व्हाट्सएप की याचिकाओं को खारिज कर दिया था। याचिकाकर्ताओं ने सीसीआई द्वारा पारित 24 मार्च के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें नई गोपनीयता नीति की जांच का निर्देश दिया गया था और जांच 60 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए।

फेसबुक और व्हाट्सएप ने कहा कि चूंकि व्हाट्सएप की गोपनीयता नीति के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालय द्वारा सुनवाई की जा रही है, इसलिए सीसीआई को जांच का आदेश देने की कोई आवश्यकता नहीं है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी पेश हुए थे और उन्होंने अदालत से कहा था कि सीसीआई की कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए, क्योंकि मामला सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।

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