यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने क्षेत्र को विकसित करने समेत स्थानीय समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए गौतमबुद्धनगर को सात जोन में बांटकर विकास करने की तैयारी है। इसके बाद गांवों और सेक्टरों का एरियल सर्वे करने के लिए ड्रोन से सर्वे कराया जाएगा। पहले चरण में 15 गांवों में ड्रोन सर्वे होगा और इसे छह महीने में पूरा करना होगा। इस सर्वे से आबादी और घरौनी की योजनाओं को अमली जामा पहनाना आसान होगा।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण का काफी लंबा क्षेत्र है और यहां पर जमीन से लेकर आबादी समेत कई तरह की समस्याएं पैदा होंगी। इनके अलावा गांवों में विकास से लेकर अन्य गतिनिधियों पर नजर रखने के लिए भी प्राधिकरण ने ड्रोन सर्वे के जरिए सात जोन बनाए गए हैं। ड्रोन सर्वे कई मामलों में विशिष्ट होगा और इसके जरिए गांवों की अवसंरचना व भौगोलिक परिस्थितियों की मैपिंग तथा चिह्नांकन की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
इसका पूर्णरूप से निरीक्षण समय-समय पर यीडा सीईओ करेंगे। सर्वे के लिए यीडा ने एजेंसियों का चयन करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे प्रक्रिया से कई अन्य विकास परियोजनाओं पर भी कार्य चल रहा है। इनमें सेक्टर 18 में पॉकेट 6डी में रोड ड्रेन, सीवर व वॉटर सप्लाई प्रक्रिया को पूर्ण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, सेक्टर 29 में कई स्थानों पर अंडरग्राउंड वॉटर रिजरवॉयर बनाया जा रहा है।