उल्लावास गांव के सुभाष की मुर्राह नस्ल की भैंस को इस वर्ष भी अधिक दूध देने पर सम्मानित किया गया।
यह सूबे की इकलौती भैंस है जिसे लगातार दो वर्ष ज्यादा दूध देने के लिए पुरस्कृत किया गया।
उल्लावास के सरपंच आजाद के भाई सुभाष ने बताया कि उसकी भैंस को 2012 में करीब 21 लीटर दूध देने पर हरियाणाभर में दूसरा स्थान मिला था। 2013 में करीब 26 लीटर 210 ग्राम दूध देने पर उसे एक बार फिर से इनाम दिया गया है।
पशु अस्पताल के डॉक्टर सुमित का कहना है कि सरकार मुर्राह नस्ल की भैंस पालने के लिए किसानों को अनेक सुविधाएं देती हैं।
इसके तहत दूध निकालने की मशीन और शेड निर्माण के लिए 25 से 50 हजार रुपये का लोन भी दिया जाता है। भैंस से जन्मे बच्चे को सरकार एक साल के बाद भैंस की दूध देने की क्षमता के अनुसार उसकी कीमत लगा कर खरीद लेती है।
13 से 16 किलो दूध देने वाली भैंस को पांच हजार, 16 से 19 किलो दूध देने वाली भैंसों को 10 हजार और 19 किलो से ऊपर दूध देने वाली भैंसों को 15 हजार रुपये दिए जाते हैं।