- अब तक कई स्कूलों ने 10वीं व 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं कराई
- आंतरिक मूल्यांकन के अंक भी नहीं किए गए अपलोड
- सीबीएसई ने एक जनवरी से 14 फरवरी तक पूरा करने के दिए थे निर्देश
- स्कूलों के आग्रह पर प्रैक्टिकल कराने और अंक अपलोड करने की तिथि बढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं व बारहवीं कक्षा के लिए अब तक प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं कराने, प्रोजेक्ट कार्य व आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड नहीं करने वाले स्कूलों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने ऐसे स्कूलों को यह सब गतिविधियां 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए है। इस तिथि तक यह गतिविधियां पूरी नहीं करने पर स्कूलों की आगे सुनवाई नहीं होगी। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि यह स्कूलों के लिए एक अंतिम अवसर है।
इस संबंध में बोर्ड की ओर से एक परिपत्र जारी कर इसकी जानकारी स्कूलों को भेज दी गई है। परिपत्र में कहा गया है कि कई स्कूलों ने पूर्व में निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रैक्टिकल परीक्षा का आयोजन नहीं कराया, प्रोजेक्ट वर्क व आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड नहीं करें। इसके बाद स्कूल बोर्ड से इन गतिविधियों को पूरा करने के लिए समय मांग रहे थे, जिन स्कूलों ने इन गतिविधियों से संबंधित कार्य को पूरा नहीं किया। उनसे प्राप्त अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने उन्हें एक अंतिम अवसर देने का फैसला किया है। ऐसे में बोर्ड ने स्कूलों को राहत देते हुए उन्हें इन कार्यों को पूरा करने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है।
पहले 14 फरवरी तक दिया था समय
मालूम हो कि बोर्ड ने बीते दिसंबर में सभी स्कूलों को एक जनवरी से 14 फरवरी तक प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित कर और अंकों को पोर्टल पर अपलोड करने के लिए निर्देशित किया था। लेकिन, कई स्कूल कार्य को पूरा नहीं कर पाए। उसके बाद दसवीं और बारहवीं की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू हो गई। अब दसवीं बोर्ड की परीक्षा 13 मार्च और बारहवीं की परीक्षा दो अप्रैल को समाप्त हो जाएंगी।