पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर रात को ही बैरिकेड लगा दिए थे। सघन तलाशी के बाद ही वाहनों को दिल्ली जाने दिया जा रहा था। किसानों का काफिला जैसे ही गाजीपुर सीमा पर पहुंचा पुलिस ने रोक लिया। काफिले को हाईवे से नीचे लाया गया। कुछ देर तक किसान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। फिर फ्लाईओवर के नीचे ही दरी बिछाकर बैठ गए।
इस बार सरकार के खिलाफ वैचारिक लड़ाई: राकेश टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि वे सरकार के खिलाफ इस बार वैचारिक लड़ाई लड़ रहे हैं। महिला पहलवानों के समर्थन में जंतर-मंतर जाने के लिए घर से निकले थे। इरादा था कि नवनिर्मित संसद के सामने महिला सम्मान पंचायत में जाकर हिस्सा लें, लेकिन पुलिस ने रोक दिया तो शाम चार बजे तक यहीं बैठें रहेंगे। उत्तराखंड के किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि किसानों-मजदूरों को महिला सम्मान पंचायत में नहीं जाने दिया गया, जिससे अंग्रेजी हुकूमत की याद ताजा हो गई। सरकार तानाशाही की पराकाष्ठा पार कर रही है। देश का गौरव पहलवान बेटियां न्याय के लिए महीने भर से सड़क पर बैठी हैं, भाजपा सरकार लोकतंत्र को दरकिनार कर अपराधियों को बचा रही है।
शाम तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा
गाजीपुर सीमा पर अधिकतर यूपी पुलिस ने मोर्चा संभाल रचा था। साथ में पीएसी के आला अधिकारी और जवान भी थे। इनके सहयोग में दिल्ली पुलिस का अग्निशमन शमन दल भी मौके पर तैनात था। हाईवे पर आवागमन जारी था। लेकिन फ्लाईओवर के नीचे गाजीपुर मुर्गा मंडी-हिंडन एयरबेस आने-जाने वाले चौराहे पर शाम तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा।