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36 दिनों का धरना खत्म: साक्षी बोलीं- मुझे घसीटा गया, पुलिस ने टेंट उखाड़े; क्या फिर जंतर-मंतर आ पाएंगे पहलवान?

Sun, 28 May 2023 07:59 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

साक्षी मलिक ने आरोप लगाया कि पहलवानों को घसीटकर ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे भी घसीटा गया और चोटें भी आई हैं। 
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जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के जंतर-मंतर से पहलवानों को रविवार को हटा दिया गया। पहलवानों ने महिला महा पंचायत के लिए घोषित स्थल की ओर जाने के लिए मार्च निकालना शुरू किया। रविवार सुबह करीब 11 बजे पहलवान संसद की और बढ़ने लगे तो पुलिस ने बेरीकेड लगाकर जंतर-मंतर पर ही रोक दिया गया। यहां पर पहलवानों और पुलिस के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। पहलवानों ने बेरीकेड तोड़ दिए और केरल भवन से होते हुए संसद भवन की और बढ़ने लगे। 

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इसके बाद पुलिस ने सभी पहलवानों को पकड़कर हिरासत में ले लिया। झड़प के दौरान बेरीकेड के पास फोगाट बहनें सड़क पर गिर गईं। इनके हाथों में तिरंगा था। पुलिस ने इनको भी हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने जंतर-मंतर पर लगे पहलवानों के सभी तंबू को उखाड़ दिया। कुछ समय में सभी टेंट व गद्दे हटा दिए गए। साथ ही वाहनों में सभी सामान को भरवाकर यहां से हटा दिया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठने लग हैं। साक्षी मलिक ने ट्विटर पर लिखा है कि क्या कोई सरकार अपने देश के चैम्पियंस के साथ ऐसा बर्ताव करती है। हमने क्या गुनाह किया है। जंतर-मंतर पर जिस समय ये कार्रवाई चल रही थी लगभग उसी समय यहां से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नव-निर्मित संसद भवन का उद्घाटन कर रहे थे।

आंदोलनरत पहलवान पिछले 36 दिनों से भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हिरासत में लिए गए पहलवानों को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में रविवार देर शाम तक चुप्पी साधी हुई थी।

छावनी में तब्दील हुआ जंतर-मंतर
पहलवानों के महिला मार्च को देखते हुए जंतर-मंतर के आसपास की जगहों को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर किया हुआ था। सुबह छह बजे से ही आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग लगाकर रास्तों को बंद कर दिया गया, हालांकि कुछ जगहों से लोग अंदर जरूर आ पाए। सुबह करीब साढ़े 10 बजे के बाद क्षेत्र में सख्ती को और बढ़ा दिया गया। केवल पटेल चौक मेट्रो स्टेशन के रास्ते से ही आ पा रहे थे। हालांकि उन्हें भी जंतर-मंतर के तरफ जाने नहीं दिया गया।

खाली करवाया गया धरना स्थल
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के धरना स्थल को पूरी तरह से खाली करवा दिया गया है। सभी पहलवानों व अन्य को हिरासत में लिए जाने के बाद धरना स्थल पर कोई नहीं था, उसी दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों ने यहां से टेंट, पंडाल, गद्दा, कूलर और सभी प्रबंध हटा दिए। साथ ही इस स्थान पर रखे सामान को भी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। इस धरना स्थल पर पिछले 36 दिनों से बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश, संगीता फोगाट सहित अन्य पहलवान प्रदर्शन कर रहे थे। उनके समर्थन में काफी लोग जुट रहे हैं। 

जंतर-मंतर से सामान हटाने के बाद उनके समर्थन में आए लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार ने आरोपी बृजभूषण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन न्याय के लिए प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को मौके से हटा दिया। यह सभी पहलवान शांति से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं इस मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि पहलवानों के सामान को अस्थायी तौर पर जंतर-मंतर से हटाया गया है।
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जंतर-मंतर घटनाक्रम का टाइम लाइन
- सुबह 6 बजे : जंतर-मंतर पर जुटने लगे लोग
- सुबह 9 बजे : पहलवानों के टेंट में बैठक
- सुबह 9:30 बजे : महिला मार्च ने संसद भवन कूच की बनाई योजना
- सुबह 10:30 बजे : कूच को लेकर टेंट में बैठक
- सुबह 11:05 बजे : महिला पहलवानों ने किया संसद कूच
- सुबह 11:07 बजे : केरल भवन की तरफ पहुंचे महिला पहलवान
- सुबह 11:15 बजे : पहलवानों ने जंतर-मंतर पर तोड़ा बैरिकेड
- सुबह 11:20 बजे : पहलवानों को हिरासत में लेना शुरू
- सुबह 11:25 बजे : पहलवानों से बचने के लिए इधर-उधर होने लगे
- सुबह 11:30 बजे : जंतर-मंतर से समर्थन में आए अन्य लोगों को भी हटाया गया
- सुबह 11:40 : जंतर-मंतर पर पहलवानों के तंबू को हटाया गया
- सुबह 12:20 : पहलवानों के प्रदर्शन स्थल को किया पूरी तरह से किया गया बंद
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