नोएडा। सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण करने बुधवार को दादरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इशारों में मंच से ‘भाजपा है तो देश है’ का चुनावी संदेश दे गए। मंच से उन्होंने युवाओं को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि जो अपने इतिहास से सीख हासिल नहीं करते, उनका भूगोल बदल जाता है।
तालिबान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के हालात आज किसी से छिपे नहीं हैं। वहां कट्टरता इस कदर हावी हो गई है कि लोग देश छोड़ने को तैयार हैं। लोग किसी भी देश में पनाह मांग रहे हैं। 2017 से पहले जब भाजपा की सरकार नहीं थी, तब प्रदेश में भी हालात अच्छे नहीं थे। साढे़ चार साल पहले कांवड़ यात्रा भी नहीं निकालने दी जाती थी। दुर्गा पूजा, पर्व-त्योहार मनाने की भी मनाही थी। 2014 में जब लोकसभा चुनाव के लिए वह वेस्ट यूपी के जिलों में प्रचार करने जाते थे तो लोग उनसे शिकायत करते थे कि हालात खराब हैं, बेटियों को कैसे स्कूल भेजें। हमने उन्हें भरोसा दिया था कि भाजपा की सरकार को आने दीजिए, सब ठीक कर दिया जाएगा। पहले की सरकार के कार्यकाल में हर तीसरे दिन दंगा होने की सूचना मिलती थी। भाजपा सरकार आने के बाद से देश और प्रदेश में स्थिति बदली है। प्रदेश में उनकी सरकार आईं तो सबसे पहले प्रदेश में अवैध बूचड़खाने बंद कराए गए और बेटियों की सुरक्षा पर काम किया गया, लेकिन अराजकता पैदा करने वाले तत्व फिर से उसी स्थिति को कायम करना चाहते हैं। हमें यह प्रण लेना होगा कि असामाजिक तत्वों के मंसूबों को पूरा नहीं होने देंगे।
राष्ट्र धर्म को सर्वोपरि बनाना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और देश के विकास को और अधिक गतिशीलता के साथ आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्र धर्म को सर्वोपरि बनाना होगा। जाति, धर्म, संप्रदाय व मंतव्य से ऊपर उठकर सभी को राष्ट्र धर्म सर्वोपरि मानते हुए दायित्वों और कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। अगर देश की सुरक्षा पर कोई आंच आई तो हम सब सुरक्षित नहीं होंगे। उन्होंने समाज की विकृतियाें को समाप्त करने के उद्देश्य से सामाजिक संगठनों का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी काल खंड की विकृति को समाप्त करने के लिए उन्हें आगे आना होगा। महान सम्राट मिहिर भोज को वह कोटि-कोटि नमन करते हैं, जिनके द्वारा धर्म की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए थे।
कई बार बोले सम्राट मिहिर भोज...गुर्जर शब्द का नहीं किया इस्तेमाल
मंच पर आने के साथ ही मुख्यमंत्री ने संबोधन भारत माता की जय और वंदे मातरम से शुरू किया। मेवाड़ की पन्नाधाय के पुत्र के बलिदान से लेकर मेरठ क्रांति में धनसिंह कोतवाल तक का जिक्र किया। देश की आजादी में विशेष योगदान देने वाले राव उमराव सिंह और रोशन सिंह की चर्चा की। यह भी बताया कि इन सभी ने अपने प्राणों का बलिदान राष्ट्र के लिए दिया। सम्राट मिहिर भोज का नाम भी उन्होंने कई बार लिया, लेकिन उनके नाम से पहले या बाद में गुर्जर शब्द एक बार भी नहीं लगाया। कई दिनों से चले आ रहे गुर्जर-राजपूत विवाद को उन्होंने मंच से कोई हवा नहीं दी।
उन्होंने कहा कि 9वीं सदी के इस महान शासक ने विदेशी आक्रांताओं को ऐसा सबक सिखाया था कि उनके कार्यकाल के बाद भी 150 साल तक किसी विदेशी की हिम्मत भारत की ओर देखने की नहीं हुई थी। उन्होंने विदेशियों से लड़ाई किसी जाति के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए लड़ी थी। मेवाड़ की पन्नाधाय, मेरठ क्रांति के धनसिंह कोतवाल, क्रांतिकारी राव उमराव सिंह और राशन सिंह जैसे महापुरुषों को जाति में बांधना ठीक नहीं है। इन सभी ने जो भी बलिदान दिया वह सिर्फ जाति के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए था। पन्नाधाय ने तो राष्ट्रभक्ति के लिए अपने पुत्र तक का बलिदान दे दिया था।
सीएम के मंच पर थे ज्यादातर गुर्जर विधायक, सांसद
योगी ने गुर्जर नेताओं को मंच पर जगह देकर उन्हीं के माध्यम से लोगों को समझाने का काम किया। दादरी में आयोजित इस कार्यक्रम में फरीदाबाद के तिगांव से विधायक राजेश नागर, गाजियाबाद से लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, गन्ना समिति के अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, पूर्व विधायक वेदराम भाटी, कैराना सांसद प्रदीप सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, उत्तराखंड से कुंवर प्रणव सिंह, गुर्जर विद्या सभा से राधाचरण भाटी आदि मौजूद रहे। सभी ने मंच से यही अपील की कि महापुरुषों की कोई जाति नहीं होती।
42 लाख से अधिक आवास गरीबों के लिए बनवाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों के मुख्यमंत्रियों में स्वयं के आवास बनाने के लिए होड़ लगती थी, वहीं सुशासन को समर्पित विगत साढ़े चार वर्षों में हमने अपने आवास नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मिलाकर 42 लाख से अधिक आवास गरीबों के लिए निर्मित करवाए। इसी प्रकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2.61 करोड़ व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया। उज्जवला योजना में 1.56 करोड़ नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिए गए। सौभाग्य योजना में 1 करोड़ 38 लाख से अधिक नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। आयुष्मान भारत के तहत 6 करोड़ लाभार्थियों को स्वास्थ्य बीमा कवर व 3 करोड़ प्रवासी श्रमिकों को 2 लाख रुपये सामाजिक सुरक्षा गारंटी दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के प्रारंभ से अब तक 2 करोड़ 53 लाख 98 हजार किसानों को 37,521 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।