नोएडा। ‘देश की रक्षा करने वाले, देश पर मर मिटने वाले महापुरुषों की कोई जाति नहीं होती। उन्हें भाषा, क्षेत्र या जाति में नहीं बांटना चाहिए। महापुरुषों के लिए राष्ट्रवाद सर्वोपरि होता है। महापुरुषों पर पूरे भारतीय समाज को गौरव की अनुभूति करनी चाहिए।’ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बातें दादरी में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण करने के अवसर पर कहीं। वहीं, उन्होंने 12.12 करोड़ की अन्य परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री बुधवार को जीटी रोड स्थित मिहिर भोज डिग्री कॉलेज के प्रांगण में पहुंचे और वहां प्रतिमा का अनावरण किया। 110 लोगों के चंदे से बनवाई गई इस प्रतिमा को डिग्री कॉलेज प्रांगण में ही स्थापित किया गया है। अनावरण कार्यक्रम के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री ने संबोधन शुरू किया, बड़ी संख्या में युवा गुर्जर-गुर्जर के नारे लगाने लगे। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि देश में गुलामी का कारण एक ही है। हम जाति के बंधनों में बंधकर अलग-अलग थे। कोई भी विदेशी आक्रांता आता था और लूटकर चला जाता था। सम्राट मिहिर भोज के पराक्रम के कारण करीब डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा समय तक कोई भी विदेशी देश की ओर नजर तक नहीं उठा सका। उन्होंने ने किसी एक जाति की नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान की रक्षा की थी।
प्रदेश में पहले था गुंडाराज अब विकास की बात
नॉलेज पार्क स्थित एक्सपो मार्ट में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट और फिल्म सिटी प्रोजेक्ट से नोएडा, ग्रेनो, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र देश में सबसे तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र बन गया है। प्रदेश में चारों कोनों से विकास की हवा बह रही है। पहले जहां गुंडाराज था, वहां अब निर्यात और निवेश का माहौल है।
कौन बो रहा जातिवाद के बीज, स्थानीय लेकर हाईकमान तक मंथन
ग्रेटर नोएडा। विधानसभा चुनाव निकट आने से भारतीय जनता पार्टी तैयारियों में जुटी है। ऐसे में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर हुए विवाद की गूंज अब हाईकमान तक पहुंच गई है। पहले यह मामला स्थानीय स्तर और सोशल मीडिया तक था, लेकिन कार्यक्रम से पूर्व और बाद में विवाद को लेकर हुई गतिविधियों के कारण अब यह मामला हाईकमान तक पहुंच गया है। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि पार्टी स्तर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर जातिवाद के बीज कौन बो रहा है।
सम्राट मिहिर भोज के आगे गुर्जर शब्द लिखने और न लिखने को लेकर विवाद एक सप्ताह में तेजी से तूल पकड़ा है। इसे लेकर प्रेसवार्ता, सोशल मीडिया पर तर्क-वितर्क, चेतावनी आदि का लंबा दौर चला है। उम्मीद जताई जा रही थी कि योगी के आने से पहले या आने पर यह विवाद थम जाएगा। इसके लिए गुर्जर और राजपूत समाज के कुछ लोगों ने एक मंच पर आकर प्रेसवार्ता भी की थी।
वहीं, कार्यक्रम के दौरान भी योगी से लेकर अन्य वक्ताओं ने भी लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि महापुरुष किसी जाति विशेष के नहीं होते, वे सभी का हित साधते हैं। इसके बावजूद विवाद खत्म न होने और दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान देकर विरोध प्रकट करने का दौर जारी है। गुर्जर और राजपूत समाज को भाजपा अपना मजबूत वोट बैंक मानती है। ऐसे में यह विवाद और न बढ़े इसके लिए मामले की तह तक जाने का प्रयास किया जा रहा है। चर्चा यह भी है इस प्रकरण में जिसकी भी कमी सामने आएगी, पार्टी उससे सख्ती से निपटेगी।
रबूपुरा में करणी सेना ने किया खुशी का इजहार
रबूपुरा। प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान गुर्जर शब्द हटाने को लेकर रबूपुरा में बुधवार को बैठक हुई। इस दौरान मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया गया। करणी सेना के नोएडा महानगर के सचिव संग्राम सिंह चौहान ने आतिशबाजी छोड़ते हुए नोएडा के सेक्टर-53 स्थित गांव गिझोड़ का एक वीडियो भी शेयर किया है। इस मौके पर करणी सेना के प्रदेश महासचिव लोकेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर मुख्यमंत्री का भी आभार प्रकट किया। इस अवसर पर गीता भाटी, केपी भाटी, प्रवीण भाटी, विनीत भाटी, रोशन सिंह, योगेश भाटी आदि मौजूद रहे। संग्राम सिंह चौहान का कहना है कि 18 अक्तूबर को सम्राट मिहिर भोज की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी।
नेताओं ने हटाया शिलापट्ट से नाम : गुर्जर महासभा
अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह भाटी का कहना है कि शिलापट्ट से भाजपा नेताओं ने गुर्जर शब्द हटाया था। यह समाज का अपमान है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नेताओं पर जातिवादी राजनीति करने का आरोप लगाया।