पुन्हाना। हरियाणा के मेवात और राजस्थान से सटे पहाड़ों में खनन शुरू कराने के संबंध में सरकार सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करने जा रही है। वहीं, हरियाणा परिवहन बेडे़ में जल्द 1000 बसें शामिल होंगी। इसके बाद प्रदेश का कोई गांव और शहर परिवहन सेवा से वंचित नहीं रहेगा। यह बातें पुन्हाना में भाजपा द्वारा आयोजित महामानव मोदी विचार गोष्ठी और प्रदर्शनी कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के खनन एवं परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहीं।
मूलचंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा बॉर्डर से सटे राजस्थान के पहाड़ों में खनन को मंजूरी दे रखी है, जबकि उसी हरियाणा मेवात के पहाड़ में खनन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगी है। खनन से रोक हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। उन्होंने कहा कि मेवात सहित प्रदेश में जितना भी क्षेत्र वन विभाग से अलग होगा, उसमें खनन को मंजूरी की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सरकार हलफनामा दायर करने जा रही है। खनन से रोक हटने के बाद लोगों को रोजगार मिलेगा और सामग्री भी सस्ती होगी। प्रदेश में करीब 90 फीसदी अवैध खनन पर रोक लग चुकी है। कांग्रेस के राज में 2014 से पहले 200 करोड़ रुपये का राजस्व आता था, जबकि मनोहर लाल की रहनुमाई में प्रदेश की भाजपा सरकार ने आते ही अवैध खनन पर रोक लगाई। इससे राजस्व 723 करोड़ बढ़ा, लेकिन जब से उन्होंने प्रदेश में खनन मंत्रालय संभाला है, अवैध खनन की चोरी रोकने से 1053 करोड़ का राजस्व वसूला जा चुका है।
इससे पहले जनसभा को संबोधित कर मूलचंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। मोदी ने लोगों के दिल में देश बड़ा और जाति धर्म की भावना पीछे विकसित की है। भाजपा राज में गरीब का बेटा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकता है। भाजपा की प्रदेश सरकार में मेवात का चहुंमुखी विकास हुआ है। सीएम के प्रयासों से मेवात में वड़ोदरा एक्सप्रेस, केजीपी, केएमपी का कार्य पूरा हुआ।
इस मौके पर पूर्व विधायक जाकिर हुसैन, पूर्व नसीम अहमद, हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन औरंगजेब, गोसेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन भानीराम मंगला, भाजपा नेत्री नौक्षम चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एजाज खान, प्रदेश उपाध्यक्ष अख्तर काटपुरी, खिलौनी राम, मनीष यादव, लेखराज भड़ाना, अजय कंसल, जुबेर पार्षद, जसवंत गोयल, निगरानी कमेटी के चेयरमैन धर्मेंद्र सोनी, डॉक्टर ओमबीर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।