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एक क्लिक पर साइबर अपराध की जांच में पुलिस को मिलेगी मदद

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नोएडा (सुशांत समदर्शी)। अब एक क्लिक पर साइबर अपराध की जांच में पुलिस को मदद मिलेगी। नोएडा व लखनऊ से संचालित स्टार्टअप संस्था फ्यूचर क्राइम रिसर्च फाउंडेशन (एफसीआरएफ) साइबर तकनीक के शोध में आईआईटी कानपुर की मदद करेगी। एफसीआरएफ भविष्य में होने वाले साइबर अपराध व अन्य अपराधों के लिए देशभर की संस्थाओं का एकीकृत डाटा बना रही है। इसके लिए यूपी साइबर क्राइम पुलिस भी संस्था के एक्सपर्ट का सहयोग ले रही है।
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यूपी पुलिस व फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के साथ मिलकर एफसीआरएफ साइबर क्राइम इंटेलिजेंस पर काम कर रही है। इसके तहत पुलिसिंग की पुरानी पद्घति के साथ नए साइबर अपराध पर शोध किया जा रहा है। इसके तहत आईआईटी कानपुर भी तकनीकी सहायता दे रही है। अगले कुछ महीनों में एफसीआरएफ भविष्य के क्राइम पैटर्न व मैपिंग से लेकर डार्क वेब और सोशल मीडिया के अपराध पर कार्ययोजना तैयार करेगी। इसमें पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अपराध रोकने और अपराधियों तक पहुंचने का रास्ता बताया जाएगा।
इस मामले में एफसीआरएफ की टीम यूपी साइबर क्राइम पुलिस के साथ काम कर रही है। यूपी साइबर क्राइम के एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि एफसीआरएफ की टीम ने उनसे मुलाकात कर प्रस्तुतिकरण दिया। इसमें पुलिसिंग को नई तकनीक के साथ जांच करने से लेकर वैसी तमाम चीजें हैं जिससे भविष्य के अपराध को रोकने व जांच में सहयोग मिलेगा। वहीं, एफसीआरएफ के सह संस्थापक शशांक शेखर का कहना है कि उनकी स्टार्टअप संस्था बेहतर पुलिसिंग के लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है। इसमें आईआईटी कानपुर के शोध में भी सहयोग किया जा रहा है और यूपी पुलिस के लिए एक नई तकनीक तैयार की जा रही है।
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यह होगा फायदा
अपराध की नवीनतम ट्रेंड की जानकारी, वैज्ञानिक तरीके से क्राइम मैपिंग, क्राइम के हॉट स्पॉट की जानकारी, साइबर अटैक का पूर्वानुमान, मालवेयर सॉफ्टवेयर पर अध्ययन, जटिल तकनीकी अपराध पर शोध, महिला व बाल अपराध पर बेहतर रणनीति, सभी बड़ी एजेंसियों का एकीकृत डाटा तैयार करना, अत्याधुनिक साइबर इंटेलिजेंस पर काम।
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