बांग्लादेश से भारत आई सोनिया अख्तर आज सौरभ के घर जाएगी। उसका कहना है कि वह बेटे को हक दिलाने के लिए भारत आई है। सोनिया का कहना है कि पति के घर में बेटे को लेकर साथ रहने का उसका कानूनन अधिकार है।
पति की तलाश और बेटे को हक दिलाने के लिए बांग्लादेश से भारत आई सोनिया अख्तर आज शिवालिक होम्स सोसाइटी स्थित सौरभ कांत तिवारी के घर जाएगी। सोनिया का कहना है कि पति के घर में बेटे को लेकर साथ रहने का उसका कानूनन अधिकार है।
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इससे उसे कोई नहीं रोक सकता। वहीं, सोनिया की वकील रेणू सिंह का कहना है कि न्यायालय में कामकाज शुरू होते ही वह सोनिया की ओर से उसके पति के खिलाफ आपराधिक धाराओं में केस दर्ज कराने के लिए याचिका दायर करेंगी।
रेणू सिंह का कहना है कि सोनिया ने केंद्र की अनुमति के लिए बांग्लादेशी दूतावास से मदद मांगी थी लेकिन अब तक उन्हें केंद्र सरकार की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि आपराधिक केस दायर करने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
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विदेशी महिला भी है आपराधिक धाराओं में केस दायर करने के लिए न्यायालय में याचिका दे सकती है। सोनिया फिलहाल ग्रेटर नोएडा में रह रही है। सोनिया की मदद उनकी वकील रेणू सिंह कर रही हैं।
ये था मामला
ग्रेटर नोएडा में रहने वाले सौरभ कांत बांग्लादेश में काम करते थे। दूसरी कंपनी में काम करने वाली बांग्लादेश निवासी सोनिया अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए सौरभ कांत से मिली थी। सोनिया का कहना है कि सौरभ ने धर्म परिवर्तन कर 14 अप्रैल 2021 को सोनिया से निकाह किया। 20 अप्रैल को सोनिया ने बेटे को जन्म दिया। 24 दिसंबर 2022 को सौरभ लौट आया।
पहली पत्नी को साथ रखने पर भी नहीं है एतराज
सोनिया के मुताबिक, सौरभ ने उससे पहली पत्नी के मौत होने की बात कही थी। बांग्लादेश में सौरभ ने 11 अप्रैल 2021 को इस्लाम धर्म कबूल किया। जिसके बाद 14 अप्रैल 2021 को दोनों ने निकाह किया। सोनिया कंपनी के दिए क्वार्टर में सौरभ के साथ रहती थी।
20 अप्रैल को उसने बेटे को जन्म दिया था। सौरभ ने सोनिया के लिए तीन घरेलू सहायिकाएं रखी थीं। इस बीच सौरभ की पहली पत्नी और बच्चे बांग्लादेश आ गए। पहली पत्नी की शिकायत पर सौरभ को बांग्लादेश स्थित कंपनी से हटा दिया गया।
24 दिसंबर 2022 को सौरभ भारत आ गया। सोनिया ने कहा कि वह अपना धर्म कभी नहीं बदलेगी। अगर वह पहली पत्नी को साथ भी रखते हैं तो उन्हें कोई एतराज नहीं। हालांकि उन्होंने कहा कि पहली पत्नी के पास वापस लौटने के बाद ही उनके पति के विचार बदले हैं।
दस करोड़ मिले तो भी बिना पति के नहीं जाएगी वापस
सानिया और सौरभ को पुलिस ने बुधवार को आमने-सामने कराया। मौके पर दोनों ने कुछ दस्तावेज रखे। सानिया ने कई कागजात पेश कर सौरभ को बेटे अन्नू का पिता बताया। दोनों करीब एक घंटे तक आमने-सामने रहे। महिला अधिकारी के सामने सोनिया ने कहा कि वह सिर्फ अपने पति को घर वापस ले जाने के लिए भारत आई है। कोई दस करोड़ रुपये भी दे तो भी वह बिना पति के वापस नहीं जाएगी।