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किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को 6 साल की कैद

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ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निरंजन कुमार की अदालत ने घर में घुसकर किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2015 में हुई घटना की रिपोर्ट नोएडा की सेक्टर-20 कोतवाली में दर्ज कराई गई थी।
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विशेष लोक अभियोजक पोक्सो बिजेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में 13 वर्षीय किशोरी के घर में आरोपी विकास पहान निवासी घुस गया था। उसने किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास किया। किशोरी ने शोर मचाया तो उसकी बुआ, मौसी सहित अन्य लोग वहां पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और घटना के दौरान नोएडा में किराए के मकान में रह रहा था। केस की सुनवाई के दौरान कुल आठ गवाह पेश हुए। गवाह एवं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने विकास को छह वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत बाल अपराध से संबंधित मामले में पिछले एक वर्ष में 66 आरोपितों को सजा हो चुकी है।
साक्ष्यों के अभाव में सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपी बरी
गवाहों और साक्ष्यों के अभाव में जिला न्यायालय ने युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों बरी कर दिया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने की। बचाव पक्ष के वकील वीरेंद्र नागर और प्रवेश भाटी ने बताया कि वर्ष 2020 में सूरजपुर कोतवाली में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया था। युवती की मां ने आरोप लगाया था कि साकीपुर निवासी आरोपी सर्वेश और दीपन ने बेटी से दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे धक्का दे दिया। जिससे उसके सिर में चोट लग गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। केस की सुनवाई के दौरान युवती पक्ष गवाही से पलट गया। युवती शौच के लिए गई थी। वहीं, अचानक गिरने से उसकी को मां को चोट लगी थी। गवाहों और साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। वर्तमान में दोनों गौतमबद्ध नगर जिला जेल में बंद हैं। कोर्ट ने अविलंब रिहाई परवाना जेल भेजकर दोनों को रिहा करने का आदेश दिया।
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