फरीदाबाद। खोरी गांव के विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई थी। इसमें विस्थापितों के वकीलों ने फ्लैट की कीमत पर सवाल उठाया था। खोरी गांव के करीब 4700 लोगों ने फ्लैट के लिए आवेदन किया हुआ है। इसमें नगर निगम ने 900 लोगों को अस्थायी रुप से पात्र माना है। इसमें से मात्र 450 ने ही प्रोविजन अलॉटमेंट लेटर स्वीकारा है। ऐसे में यदि सुप्रीम कोर्ट से फ्लैट के कीमत कम करने के आदेश मिलते हैं तो काफी लोगों को राहत मिलेगी। इस मामले में सोमवार को सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जून में खोरी गांव में नगर निगम अवैैध निर्माणों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान करीब 10 हजार मकानों को तोड़ दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने खोरी गांव के विस्थापितों को डबुआ कॉलोनी और बापूधाम में ईडब्ल्यूएस फ्लैट देने को कहा था। इसके बाद पात्रों को नगर निगम ने पहले डबुआ कॉलोनी के फ्लैट देने की योजना तैयार की है। निगम को करीब 4700 आवेदन मिले हैं।
जांच के बाद नगर निगम ने पहले चरण में 900 पात्रों की पहचान कर प्रोविजन अलॉटमेंट लेटर जारी किया है। वहीं इस मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इसमें विस्थापितों के वकीलों ने फ्लैट की कीमत 377500 रुपये तय किए जाने पर सवाल उठाया था। इस पर सोमवार को नगर निगम जानकारी देगा। नगर निगम के नगर योजनाकार डीएस ढिल्लो ने बताया कि करीब 900 लोगों को प्रोवेजन लेटर जारी किया गया है। अभी कुछ आवेदनों की जांच की जा रही है। अभी करीब पांच आवेदनों की जांच चल रही है।
15 तक कर सकते है आवेदन
खोरी के विस्थापित फ्लैट के लिए 15 नवंबर तक नगर निगम को आवेदन कर सकते हैं। नगर निगम दस्तावेज जांच कर फ्लैट देने की कार्रवाई करेगा। हरियाणा सरकार ने पुनर्वास की एक पॉलिसी बनाई, जिसमें खोरी में रहने वाले लोगों को डबुआ कॉलोनी और बापू नगर में खाली पड़े फ्लैटों को देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में जो लोग आवेदन करने से वंचित रह गए हैं,वे इस दौरान जरूरी कागजात के साथ आवेदन कर सकते हैं।
जल्द मिलेंगे डबुआ कॉलोनी में ईडब्ल्यूएस फ्लैट
फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र स्थित खोरी गांव के विस्थापितों को डबुआ कॉलोनी में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट दिया जाना है। इसके लिए नगर निगम को तीसरी बार जारी टेंडर में दो एजेंसियां मिली हैं। दोनों के कागजात सही मिलने पर एक को जल्द काम सौंपा जाएगा। नगर निगम की दस करोड़ से जर्जर हो चुके फ्लैटों को ठीक कराने की योजना है। नगर निगम के एसई ओमबीर सिंह ने बताया कि दूसरी बार दो एजेंसियों ने टेंडर भरा है लेकिन बिड में कमी होने पर तीसरी बार टेंडर जारी किया था। उन्होंने बताया कि दोनों के बिड के कागजात सही मिले हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही कम एजेंसी वाले को टेंडर दे दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फ्लैटों को ठीक करने के लिए दस करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। डबुआ कॉलोनी में करीब 1700 के ईब्डल्यूएस फ्लैट हैं।