नोएडा सेक्टर-30 स्थित सुपर स्पेशलिटी चाइल्ड हॉस्पिटल एंड पीजीआई की हालत बदतर है। अस्पताल में जांच के लिए पैथोलॉजी ही नहीं है।
आलम यह है कि प्राधिकरण अगर उपकरण उपलब्ध कराता भी है, तो पैथोलॉजी बनाने के लिए यहां जगह ही नहीं है। ऊपर से यहां न तो पैथोलॉजिस्ट हैं और न ही लैब टेक्नीशियन।
कई सौ करोड़ की लागत से बने चाइल्ड पीजीआई में आने वाले मरीज मेडिकल सुविधाओं के नाम पर ठगा महसूस कर रहे हैं।
अस्पताल के एमएस डॉ. शेखर यादव ने बताया कि ओपीडी शुरू होने के बाद ही पैथोलॉजी की जरूरत महसूस की जा रही थी। जिसके लिए प्राधिकरण से मांग की गई थी। प्राधिकरण से अभी तक उपकरण नहीं आए हैं। दूसरी तरफ, उपकरण व केमिकल आए, तो जगह और स्टाफ के अभाव में उनके खराब होने का अंदेशा रहेगा।
उधार की दवाई पर चल रही थी ओपीडी
ओपीडी शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा मेडिकल यूनिवर्सिटी से दवाइयां उधार ली जा रही थीं। पिछले माह से ही प्राधिकरण की ओर से दवाइयां मिलना शुरू हुई हैं।