नोएडा सेक्टर 123 व 148 में प्रस्तावित 400 केवी के दो बिजलीघरों का निर्माण लोक सभा चुनाव से पहले शुरू होने की उम्मीद कम ही है।
प्रोजेक्ट का बजट बड़ा है और इसके लिए आईआईटी की मंजूरी जरूरी है। प्रोजेक्ट की फाइल अब आईआईटी को भेजी गई है।
बिजलीघरों के निर्माण का खर्च नोएडा प्राधिकरण उठा रहा है। बजट करीब 850 करोड़ रुपये है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को दी गई है। राजकीय निर्माण निगम ने यूपीपीसीएल के ट्रांसमिशन डिपार्टमेंट को अपना तकनीकी सलाहकार बनाया है।
ट्रांसमिशन ने बिजलीघरों का इस्टीमेट तैयार किया है, जिसे अप्रूवल के लिए आईआईटी के पास भेजा गया है। अप्रूवल में एक माह तक लग जाते हैं।
अप्रूवल मिलने के बाद ही पैसा जारी होगा। इधर, 20 फरवरी के बाद कभी भी चुनावी आचार संहिता लागू हो सकती है। अधिसूचना लागू होते ही नए कार्यों पर विराम लग जाएगा। इससे बिजलीघर भी लटक सकते हैं।
बिजली समस्या से मिलेगी निजात
गैस तकनीक पर आधारित इन दो बिजलीघरों को बनाने में करीब दो साल लग जाएंगे। 400 केवी के इन सबस्टेशनों के बनने से न सिर्फ नोएडा, बल्कि ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण एरिया में भी बिजली वितरण की समस्या से निजात मिल जाएगी। अभी चार सौ केवी का एकमात्र सबस्टेशन पाली (दादरी) में बना हुआ है।