दरअसल, पुराने किला पारंपरिक रूप से पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ के नाम से भी प्रसिद्ध है। इतिहासकारों का मानना है कि पुराना किला शायद उसी टीले पर स्थित हो, जिसे कभी पांडवों ने अपनी राजधानी बनाई थी। जबकि किले का निर्माण सबसे पहले 1533 में मुगल बादशाह हुमायूं ने शुरू करवाया था। यह हुमायूं द्वारा बसाए गए किलाबंद शहर दीनपनाह का हिस्सा था। बाद में शेरशाह सूरी ने हुमायूं को हरा दिया और दिल्ली पर नियंत्रण कर लिया था। सन 1540 में शेरशाह सूरी ने इस किले का निर्माण आगे बढ़ाया। 1555 में हुमायूं ने दिल्ली को वापस जीता और इस किले का निर्माण पूरा करवाया। 1556 में अपनी मौत तक हुमायूं ने शेरगढ़ से ही शासन किया।
दिल्ली व कुओं का नाता पुराना
पुरातत्वविदों का कहना है कि खुदाई में मिले कुएं से यह भी पता चलता है कि दिल्ली के साथ कुओं का रिश्ता पुराना है। इस बात का प्रमाण पुराना किला में देखने को मिलता है। खुदाई में जुटी एएसआई की टीम ने बताया कि यहां कई प्राचीन दीवारें भी मिली हैं। यही नहीं, कुछ दिन पहले खुदाई कर रही टीम को नर कंकाल भी मिले हैं। इन अवशेषों को एएसआई ने सुरक्षित रख लिया है। एएसआई खुदाई कर पुराना किले में महाभारत काल से दिल्ली के संबंध को भी खोज रही है। यह स्थल परंपरागत तौर पर दिल्ली के प्रथम शहर के रूप में प्रसिद्ध है।
पांचवीं बार की जा रही है खुदाई
एएसआई द्वारा 1954-55 और 1969-72 के दौरान खुदाई की गई थी। इसके बाद 2013-14 और 2017-18 में खुदाई हुई थी। इसमें एएसआई के पूर्व पुरातत्ववेत्ता और पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता बीबी लाल की अहम भूमिका मानी जाती है। लाल 1968 से 1972 तक एएसआई के निदेशक रहे थे। वह उन शुरुआती पुरातत्वेत्ताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने 50 के दशक में पुराना किले में खुदाई शुरू की।