एम्स ने किया समझौता
एम्स ने अमृत फार्मेसी स्टोर की संचालक एजेंसी एचएलएल लाइफ केयर (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) के साथ समझौता किया है। समझौते के तहत काउंटर से कृत्रिम कूल्हा, घुटना व अन्य महंगे इंम्प्लांट सस्ती दर पर उपलब्ध हो सकेंगे। यहां काउंटर शुरू करने के लिए एम्स प्रशासन ने 29 अक्टूबर को अमृत फार्मेसी के स्टोर से इंप्लांट उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
कीमत तय करने पर चल रहा है काम
एम्स के मीडिया प्रोटोकाल की चेयरपर्सन डॉ. रीमा दादा ने कहा कि अमृत स्टोर से इंप्लांट उपलब्ध कराने के लिए समझौते की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसके अलावा कीमत तय करने काम भी चल रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीजों को अमृत स्टोर से सस्ते दर पर आर्थोपेडिक इंप्लांट मिलने लगेंगे।
पांच महीने की देरी से चल रहा प्रोजेक्ट
एम्स निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास के आदेश के तहत एक जनवरी से इस काउंटर को शुरू करना था, लेकिन अभी तक इसे शुरू नहीं किया जा सका है। अभी भी इस काउंटर के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ेगा। आदेश में कहा गया था कि एम्स में सभी आर्थोपेडिक प्रत्यारोपण केवल रोगियों की आवश्यकता और संबंधित डॉक्टर की सिफारिश पर अमृत फार्मेसी के माध्यम से ही खरीदे जाएंगे।
अभी यहां मिलती है सुविधा
अभी पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, सफदरजंग अस्पताल, एम्स ऋषिकेश व अन्य अस्पताल में रोगियों की आवश्यकता के अनुसार व संबंधित डॉक्टर की सिफारिश पर अमृत फार्मेसी से हड्डी प्रत्यारोपण के लिए इस्तेमाल होने वाले इंप्लांट खरीद रहे हैं।