एसपी दीपक भूकर ने बताया कि एक मई को उनके सीयूजी नंबर पर एक कॉल आई, जिसे पीआरओ ने रिसीव की। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को एससी/एसटी आयोग का अध्यक्ष बताते हुए एसपी से बात कराने के लिए रौब गालिब किया। इसके बाद एसपी ने उससे बात की। उसने उन्हें बताया कि हाफिजपुर क्षेत्र के गांव चितौली स्थित ईंट भट्ठे पर काम करने वाले कामगारों पर ठेकेदार और भट्टा संचालक अत्याचार कर रहे हैं। धमकी देते हुए कहा कि अगर, कामगारों की समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो अच्छा नहीं होगा। लेकिन एसपी बातों के लहजे से उसकी असलियत जान गए और जांच कराई। जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी की पहचान जिला बंदायू के थाना जरीफनगर क्षेत्र के सोहनपुर निवासी मदन के रूप में हुई।
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह ऐसे ठेकेदारों से संपर्क करता था जो ईंट भट्टों पर कामगार उपलब्ध कराने कराने का काम करते थे। अफसरों को फोन कॉल पर ईंट भट्टा संचालकों द्वारा कामगारों पर अत्याचार करने की सूचना देकर धमकाता था। अफसर भट्टा संचालकों पर कार्रवाई करते थे। कामगारों के जाने के डर और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए ईंट भट्टा संचालक आसानी से रुपये देने के लिए तैयार हो जाते थे। एसपी ने बताया कि आरोपी फिरोजाबाद, लखीमपुर खीरी, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, शिकोहाबाद, सीतापुर, बागपत, बुलंदशहर, सुल्तानपुर, गोंडा और कुंडा के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के सीयूजी नंबरों पर फोन कर चुका है।