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शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फैला वायरल

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गुरुग्राम। बारिश के बाद से ही जिले में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। उसमें भी अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में वायरल बुखार से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। मरीजों को स्थानीय स्तर पर उचित इलाज न मिलने से उनको सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में नागरिक अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। वहीं, उपमंडल अस्पतालों में भी सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ लग रही है।
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करीब 40 लाख की आबादी वाले जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। न तो पर्याप्त संख्या में चिकित्सक हैं और न ही खून की जांच समेत अन्य तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। इन दिनों शासकीय अस्पतालों में बुखार व दूषित खानपान से होने वाली समस्याओं से जुड़े मरीजों की संख्या ज्यादा है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को बमुश्किल प्राथमिक चिकित्सा ही मिल पा रही है। स्थिति यह है कि मरीजों को भर्ती कर इलाज करने की जरूरत पड़े तो ऐसा संभव नहीं होता। ऐसे में मरीजों को मजबूरन सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल आना पड़ता है। यही वजह है कि नागरिक अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को भी अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा मरीज पहुंचे।
नहीं मिल रही पर्याप्त सुविधाएं
इसके साथ ही पटौदी, सोहना व फर्रूखनगर के उपमंडल अस्पतालों में भी मरीजों की कतार लग रही है। पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के बावजूद प्राथमिक इलाज के लिए ही मरीज सुबह से ही कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को सोहना नागरिक अस्पताल में सुबह के समय मरीजों की लंबी कतार देखने को मिली, जिसमें बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं भी शामिल रहीं। महिलाओं के लिए बैठने की उचित व्यवस्था तक नहीं है, जिसके चलते गर्भवती महिलाओं को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को बार-बार बिजली गुल होने के चलते ओपीडी के लिए मरीजों के पंजीकरण में भी परेशानी आई।
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अब तक डेंगू के 17 मरीज
जिले में अब तक बुखार के लक्षणों वाले 1 हजार मरीजों की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं, जिसमें से डेंगू के 17 व मलेरिया का एक मरीज मिला है। वहीं, मच्छरों का लार्वा मिलने के बाद 25 से ज्याद घरों में नोटिस दिया गया है। विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. सुधा गर्ग ने बताया कि इस बार पिछले वर्षों के मुकाबले डेंगू व मलेरिया के मरीजों की संख्या कम है लेकिन वायरल बुखार के मरीज बढ़े हैं। वहीं, इन तमाम मुद्दों पर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि अस्पतालों में बुखार के मरीजों की संख्या को देखते हुए इलाज की उचित व्यवस्था की गई है। उपमंडल अस्पतालों में भी क्षेत्रीय वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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