मानेसर। मारुति प्लांट को सोनीपत के खरखौदा में स्थानांतरित करने की प्रदेश सरकार की मंशा को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। कई सामाजिक संगठन प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री को ज्ञापन भेज चुके हैं। संयुक्त अहीर रेजिमेंट ट्रस्ट की कोर कमेटी के सदस्यों और क्षेत्र की सरदारी ने मारुति प्लांट को मानेसर या रेवाड़ी में लगाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा। जिसमें उन्होंने इसे शिफ्ट करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि प्रदेश सरकार अगर प्लांट को दूसरी जगह स्थानांतरित करना चाहती है, तो मानेसर या रेवाड़ी में करें। मारुति ने जब 1982 में गुरुग्राम में प्लांट स्थापित किया था, उस समय हरियाणा सरकार ने सरहौल, डूंडाहेड़ा और मोलाहेड़ा में जमीन अधिग्रहण किया था व गांव के युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी। आज लाखों की संख्या में क्षेत्र के लोग प्लांट और इससे जुड़ी इकाइयों में काम कर रहे हैं। ऐसे में गुरुग्राम से प्लांट को दूसरी जगह स्थानांतरित करने से लाखों लोगों के समाने रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा। इससे जुड़ी कई छोटी औद्योगिक इकाइयां भी पलायन कर जाएंगी।
संयुक्त अहीर रेजिमेंट ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की जमीन सरकार पहले ही अधिगृहीत कर चुकी है और अब मारुति प्लांट को दूसरी जगह स्थानांतरित करके लाखों लोगों को बेरोजगार बनाना चाहती है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा व गुरुग्राम को किसी भी कीमत पर फरीदाबाद नहीं बनने दिया जाएगा। क्षेत्र की सरदारी ने हमेशा सरकार का भरपूर सहयोग और समर्थन किया है। आज जब पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ आंदोलन हो रहे है, वहीं अहीरवाल क्षेत्र इससे अछूता रहा है। लेकिन अगर सरकार ने प्लांट को जिले से बाहर स्थापित करने का काम किया, तो प्रदेश सरकार के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा।