गुरुग्राम। नेशनल सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में काम दिलाने के नाम पर 125 करोड़ की ठगी के मास्टर माइंड डिप्टी कमांडेंट ने पुलिस का शिकंजा कसने के बाद मोबाइल फोन बंद कर लिया था। उसने नए मोबाइल फोन में नया सिम कार्ड डालकर ईमेल आईडी खोल रखा था। वह उसी पर बातचीत करता था। मामला पुलिस में आने के बाद से वह परिवार के साथ फरार था। दस दिन तक अलग-अलग होटलों में समय काटने के बाद एक सोसाइटी में किराये का फ्लैट लेकर छिपने का प्रयास किया। पुलिस को पता चला है कि डिप्टी कमांडेंट शिकंजा कसने के बाद 14 करोड़ रुपये कार में लेकर घूम रहा था।
दस दिन से उसकी जांच में लगी पुलिस टीम को उसकी किसी भी गतिविधि का पता नहीं चला। दिल्ली- एनसीआर के साथ जीरकपुर के होटल में परिवार के साथ ठहरा हुआ था। कहीं पर अपनी पत्नी ममता की आईडी से होटल बुक किया तो कहीं पर रितुराज की आईडी पर कमरा बुक किया। मामला मीडिया में आने के बाद उसने जीरकपुर की एक सोसाइटी में 35 हजार रुपये प्रति माह की दर से एक फ्लैट लिया। यह मां की आईडी पर लिया था। इसके साथ ही उसने एक माह का एडवांस किराया भी दिया। पुलिस की छानबीन में पता चला है कि शेयर मार्केट में लगे पैसे की जानकारी भी ई-मेल पर कुछ जनरेट हो रही थी।
सीए से मदद लेगी एसआईटी
आर्थिक अपराध शाखा की ओर से चल रही जांच में अलग-अलग खातों के विवरण की छानबीन चल रही है। पुलिस ने सभी बैंक से उसके खातों की जानकारी मांगी है। एसआईटी इस मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट (की सलाह लेने पर विचार कर रही है।
तीन आरोपियों की रिमांड पूरी, आज अदालत में पेशी
एसआईटी की ओर गिरफ्तार चारों आरोपियों में बैंक मैनेजर व मास्टर माइंड की बहन रितुराज, उसकी पत्नी ममता यादव के साथ बिचौलिया दिनेेेश की तीन दिन की रिमांड पूरी होगी। सीआईए मानेसर प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप के नेतृत्व में वाटिका सिटी से एनएसजी कैंपस के घर में छुपाई गए आभूषण बरामद किए जा चुके हैं। एसआईटी उन्हें सोमवार को अदालत में पेश करेगी।
लैपटॉप से खुलेंगे अन्य राज
एसआईटी की ओर से बरामद तीन लैपटॉप को जांच के लिए डिजिटल इन्वेस्टिगेशन ट्रेनिंग एंड एनलसिस सेंट (डाईटेके) भेजा गया है। इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद कई राज खुलने की उम्मीद है।
मामले की जांच चल रही है। जांच के दौरान अगर सीए की सलाह की आवश्यकता है तो एसआईटी उसकी जल्द ही सलाह लेगी। ज्यादा से ज्याद रिकवरी के साथ फरार आरोपी सहायक कमांडेंट की गिरफ्तारी पर जोर है।
-प्रीतपाल सांगवान, एसीपी क्राइम, गुरुग्राम