गुरुग्राम। केंद्रीय आम बजट सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को बूस्टर डोज प्रदान करेगा। एमएसएमई के लिए आवंटित बजट सूक्ष्म, लघु उद्योग को संजीवनी देगा। इस बार एमएसएमई के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। खास बात यह है कि गारंटर की सीमा को 10 गुना बढ़ाकर 5 लाख करोड़ रुपये किया गया है। पहले यह 50 हजार करोड़ रुपये थी। इससे एमएसएमई को ऋण लेने में आसानी होगी। एनसीआर ही नहीं बल्कि देशभर में गुरुग्राम एमएसएमई का हब है, यहां 30 हजार कंपनियां पंजीकृत हैं। अगर मानेसर, बिलासपुर, धारूहेड़ा, रेवाड़ी और बावल के साथ ही राजस्थान के भिवाड़ी, खुशखेड़ा, नीमराणा और बहरोड़ की कंपनियों को भी जोड़ दिया जाए तो आंकड़ा 70 हजार के पार पहुंचता है। इन सभी स्थानों की कंपनियां सीधे गुरुग्राम की मारुति, होंडा, हीरो मोटो कॉर्प जैसी कंपनियों से जुड़ी हैं।
एमएसएमई के लिए पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सोचा गया है। निश्चित ही लघु और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई के लिए ऋण सुविधा आसान होगी। गुरुग्राम के आसपास औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। कोरोना से सबसे अधिक एमएसएमई ही प्रभावित हुई थी।
धर्मसागर, प्रधान, आईडीसी इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
उद्योगों के लिए राहत भरा बजट है। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) की अवधि को एक साल के लिए बढ़ाया गया है। एमएसएमई को दो लाख रुपये तक का अतिरिक्त ऋण दिया गया है, आरएएमपी कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। स्क्रैप कारोबारियों को एक वर्ष की छूट उद्योगों के लिए बड़ी राहत है। इंश्योरेंस पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाने की उम्मीद थी, यह उम्मीद पूरी नहीं हो पाई। कुछ मिलाकर बजट उद्योगों खासकर लघु और सुक्ष्म उद्योग के लिए संजीवनी का काम करेगा।
जेएन मंगला, प्रधान, जीआईए
बजट में एमएसएमई के लिए दो लाख रुपये के अतिरिक्त ऋण की व्यवस्था बेहतर कदम है। गुरुग्राम एमएसएमई का हब है। यहां रोजगार और विकास को रफ्तार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। बाकी बजट में राहत के नाम पर कुछ नहीं दिया गया। उद्योगों से इंश्योरेंस के नाम पर जीएसटी वसूली को घटाया जाना चाहिए था। बजट में कोई खास राहत न आम आदमी को मिली है न खास को। लघु और सूक्ष्म उद्योग को बढ़ावा देने के मकसद से छूट प्रदान की गई है।
-प्रवीण यादव, अध्यक्ष, गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन
मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा
एमएसएमई के उत्थान से आत्मनिर्भर भारत की कल्पना साकार होगी। युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। हालांकि मध्य वर्ग के लिए बजट में कुछ भी नहीं है, लेकिन गुरुग्राम में अधिक औद्योगिक विकास होगा। निवेश की रफ्तार बढ़ेगी। बजट उद्योगों के लिए राहत भरा है। कई कदम स्वागत करने लायक हैं।
-डीएन क्वात्रा, उद्योगपति
उद्योगों के साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी बजट ठीक रहा। जमीन और निर्माण संबंधी मंजूरियों के लिए समय कम करने की घोषणा से डेवलपर्स को लाभ होगा। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। मंजूरी में देरी सेक्टर के लिए चिंता का विषय था। शहरों में बहु-मॉडल परिवहन और राजमार्गों को 25000 किलोमीटर तक बढ़ाने से शहरों में उद्योगों को बढ़वा मिलेगा, रोजगार पैदा होंगे, इससे आवास की मांग में वृद्धि होगी।
-सुरिंदर सिंह, निदेशक, जीएलएस ग्रुप