गुरुग्राम। जिले में बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी हरियाणा सहित कई प्रांतों के आयकर विभाग के 150 अधिकारियों की टीम के नामी कंपनी और संस्थान किंगडम ऑफ ड्रीम्स (केओडी), 32 माइल्स स्टोन, गीतांजलि होम्स प्राइवेट लिमिटेड और एसएल टूल्स कंपनियों के 27 स्थानों पर छापे जारी रहे। इस दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं, जिसमें इनका गोवा में बीच और 150 कमरों का आलीशान होटल भी पता चला है, वहां पर भी आयकर विभाग की टीम पड़ताल करने में जुट गई है। इसके अलावा इन कंपनियों के मालिक और परिजनों के नाम से एचडीएफसी, आईसीआईसीआई तथा अन्य बैंकों के खाते तथा लॉकर खंगाले गए। इनके अधिकांश खाते सीज कर दिए गए हैं जबकि लॉकरों से काफी संख्या में जूलरी और नकदी भी बरामद की गई है। इनके घर तथा संस्थानों में भी नकदी मिली है, जिसे गिनने के लिए दूसरे शहरों से मशीनें मंगाई गई हैं।
सूत्रों का कहना है कि इन कंपनियों के मालिक, संचालक तथा परिजनों से उम्मीद से अधिक रकम, जूलरी तथा हीरे के जेवर बरामद हुए हैं, जिनका आकलन करने के लिए टीमें निरंतर जुटी हुईं हैं। जैसे-जैसे रकम की गिनती होती जा रही है, वैसे-वैसे उसे आयकर विभाग के स्टेट बैंक स्थित खाते में जमा कराया जा रहा है। छापे के दौरान परत दर परत कई आयकर चोरी के खुलासे हो रहे हैं, जिसकी वजह से छापा मारने की कार्रवाई एक दो दिन और चलने की संभावना जताई जा रही है।
बुधवार को उम्मीद की जा रही थी कि आयकर चोरी 500 करोड़ तक की हो सकती है लेकिन बृहस्पतिवार को जिस तरह से संपत्ति, नकदी, जूलरी और हीरे के कारोबार का खुलासा हुआ, उसके बाद यह राशि 800 करोड़ के आसपास मानी जा रही है। वास्तविक राशि का पता तो कार्रवाई पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
कंपनी से जुड़े कारोबारियों के यहां भी छापे
32 माइल्स स्टोन के मालिक तथा संचालकों से जुड़े कारोबारी पवन मंगला के सेक्टर 15 स्थित आवास तथा उनके प्रतिष्ठानों पर भी आयकर विभाग की टीम ने छापे मारे। इनके यहां भी काफी संख्या में नकदी, अभिलेख तथा अन्य प्रपत्र मिले हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है।
डायमंड कटिंग टूल्स कंपनी में भी कार्रवाई
मानेसर स्थित डायमंड कटिंग के टूल बनाने वाले कंपनी में भी छापा मारा गया। यह भी इन कंपनियों से जुड़ी बताई गई है, यहां पर भी रिकार्ड खंगाला गया है। यह जानकारी नहीं हो पाई है कि इस कंपनी से कितनी नकदी और अभिलेख बरामद हुए हैं।
गूगल की बिल्डिंग में भी छापा
आयकर विभाग की टीम ने गूगल की बिल्डिंग में भी छापा मारा। यह बिल्डिंग भी इन्हीं कंपनियों के मालिक की है। इस बिल्डिंग का एक हिस्सा गूगल के पास है तो दूसरा हिस्सा इसी कंपनी का है। वहां पर भी छापा मारा। इन्हीं से जुड़ी आगरा की पार्टी सिसोदिया एंड ब्रदर्स के यहां भी छापे मारे गए। इसके अलावा मेंग्लोनियम में आकाशदीप सिंगला तथा सोमेश मित्तल के यहां भी आयकर विभाग की टीम छापे मार रही है।
फॉरेंसिंक एक्सपर्ट टीम भी शामिल
छापे के दौरान इन सभी 27 स्थानों पर आयकर विभाग ने फॉरेंसिंक एक्सपर्ट की टीम को बुलाया है। वह भी अपने स्तर से जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है।
यूट्यूब पर 100 करोड़ की प्रॉपर्टी बेचने के जश्न का वीडियो अपलोड करना पड़ा भारी
गुरुग्राम। प्रॉपर्टी बेचने के बाद यूट्यूब पर जश्न का वीडियो अपलोड करना गीतांजलि प्राइवेट लिमिटेड को भारी पड़ गया। सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग को गीतांजलि प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 100 करोड़ की प्रॉपर्टी बेेचे जाने की जानकारी यूट्यूब के जरिये ही मिली थी। उसी के आधार पर परत दर परत 32 माइल्स स्टोन, किंगडम ऑफ ड्रीम्स सहित कई कंपनियों पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता चला गया। विभाग की मानें तो 100 करोड़ की प्रॉपर्टी सेल करने की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी गई थी। सोशल मीडिया पर जश्न का वीडियो चलने के बाद ही आयकर विभाग सक्रिय हुआ और अपनी जांच आगे बढ़ाई।
आयकर ने इसी में शामिल गीतांजलि प्राइवेट लिमिटेड के मालिक, संचालक और उनसे जुड़े लोगों की पहचान की। इन सभी लोगों के नाम के साथ-साथ कंपनियों में उनके शेयर, उनके पैन नंबर तथा रिटर्न की धीरे-धीरे पड़ताल हो गई, जिसमें उनकी ओर से खरीद फरोख्त का विवरण आयकर विभाग में न होने की बात सामने आई थी। इस कार्रवाई के दौरान दूसरे दिन भी इन संस्थानों से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े संस्थानों के प्रबंधक और संचालकों के बीच भी अफरातफरी का माहौल रहा। कई लोगों ने छापे के दौरान संबधित कंपनियों के संचालकों से मोबाइल पर बात करनी चाही तो उनके फोन बंद मिले, जिनके फोन खुले हुए थे, उन्होंने बात नहीं की।
कार्रवाई के दौरान प्रवेश पर रहा प्रतिबंध
आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान इन संस्थान तथा उनके संचालकों के घरों में लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा। सिविल ड्रेस में सुरक्षा कर्मी घरों तथा संस्थानों के बाहर तैनात रहे।
सबसे बड़ा मामला केओडी और गीतांजलि में मिला
आयकर विभाग की टीम को सबसे बड़ा मामला किंगडम ऑफ ड्रीम्स, गीतांजलि की गलेरिया बिल्डिंग और उससे जुड़े लेबरम अपार्टमेंट में मिला है। यहीं पर सर्वाधिक आयकर चोरी के मामले पाए गए हैं। साथ ही इसी स्थान से अन्य कंपनियों के बारे में भी जानकारी मिली है।
फोन कॉल पर भी नजर
छापे के दौरान आयकर विभाग की विजिलेंस अधिक से अधिक जानकारी जुटाना चाहती है। इस उद्देश्य से कंपनियों के संचालकों के फोन कॉल पर भी टीम सख्त नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि उनके पास किस-किस की कॉल आ रहीं हैं और क्या-क्या बात हो रहीं हैं, उनकी जानकारी आयकर विभाग की विजिलेंस टीम जुटा रही है।
स्थानीय अधिकारी रहे अनभिज्ञ
छापे के दौरान आयकर विभाग के स्थानीय अधिकारी किसी भी तरह की जानकारी नहीं दे पाए। उनका कहना था कि इस बारे में चंडीगढ़ स्थित महानिदेशक इनकम टैक्स की ओर से ही जानकारी दी जा सकेगी, क्योंकि इस छापे का निर्देशन वहीं से हो रहा है। उन्हीं के कार्यालय में सभी जानकारियां टीमों के स्तर से दी जा रहीं हैं।