गुरुग्राम में दोपहर दो बजे तक भी आसमान में छाया हुआ स्मॉग।
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गुरुग्राम। प्रदूषण के मामले में इस बार भी स्थितियां वैसी ही जैसी हर साल दिवाली के बाद होती हैं। दिवाली के बाद प्रदूषण में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन अब इसमें धीरे-धीरे कमी आ रही है। हालांकि, तापमान में गिरावट होने व तेज धूप न होने से स्थिति कभी भी खराब हो सकती है। इसी क्रम में बुधवार को शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 340 एसपीएम दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 368 था।
विंड पैटर्न इंडेक्स के मुताबिक, हवाओं की गति तेज है। इस कारण प्रदूषण धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन यदि हवाओं की गति भी कम हो गई तो प्रदूषण की स्थिति कभी भी गंभीर हो सकती है। इसमें से शहर के सभी चारों केंद्रों पर एक्यूआई 300 के पार रहा। ग्वाल पहाड़ी इलाके में प्रदूषण सबसे ज्यादा रहा और यहां पर एक्यूआई 353 दर्ज किया गया। जबकि सेक्टर-51 में एक्यूआई 346 रहा। वहीं, विकास सदन में भी एक्यूआई 344 दर्ज किया गया। इसके साथ ही टेरी ग्राम का एक्यूआई 322 रहा।
सेक्टर-10 के अस्पताल में बढ़े मरीज
प्रदूषण में बढ़ोतरी के कारण सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में खांसी, जुकाम, सांस व दमा रोगियों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वरुण ने बताया कि अधिकांश मरीजों में खांसी व सांस संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। खास बात यह है कि पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार मरीजों में युवाओं की संख्या ज्यादा है, जिसमें 25 साल तक के युवा मरीज भी शामिल हैं। प्रदूषण में बेतहाशा बढ़ोतरी होने के बावजूद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगर निगम अधिकारी कोई खास कवायद नहीं कर रहे हैं। सोहना रोड पर स्थिति ज्यादा खराब है, जहां सड़क पर धूल उड़ रही है और यहां पर पानी का छिड़काव कराने वाला कोई नहीं है।