गुरुग्राम। अगर आपको भी सरकारी अस्पतालों की सेवा लेनी है तो पंजीकरण कराने और जांच के लिए समय से पहुंचे। क्योंकि शहर के सरकारी अस्पताल का ये हाल है कि केवल पंजीकरण कराने के लिए परिसर के बाहर शाम तक भीड़ लगी रहती है। जबकि काउंटर बंद करने का समय दोपहर 2 बजे का है। केवल पंजीकरण करा डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए इतनी मशक्कत लोगों को करनी पड़ रही है कि जांच कराने की बारी आते-आते हालत खराब हो जाती है। आजकल अस्पतालों में जुकाम, बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या अचानक बारिश के बाद बढ़ने लगी है।
सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 2 हजार मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, जिसमें से अधिकांश खांसी, जुकाम, बुखार और डायरिया से पीड़ित हैं। कई लोगों को खून की जांच करानी होती है। ऐसे में पहले वे जांच के लिए लाइनों में लगे रहते हैं, बाद में रिपोर्ट के लिए। जब तक रिपोर्ट मिल पाती है, तब तक डॉक्टर का समय पूरा हो जाता है। इस प्रकार उन्हें बैरंग ही लौटना पड़ता है। शनिवार को नागरिक अस्पताल के लगभग सभी विभागों की ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतार देखने को मिली तो वहीं जांच रिपोर्ट के काउंटर पर तो सबसे ज्यादा भीड़ रही। मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल में ओपीडी की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। उसमें भी मेडिसिन ओपीडी में सर्वाधिक मरीज आ रहे हैं। सेक्टर-31 पॉलीक्लीनिक में भी रोजाना मरीजों की भीड़ लग रही है। हालांकि, यहां पर जांच की सुविधा बेहतर होने से लोगों को ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ रहा है और रिपोर्ट भी अपेक्षाकृत जल्दी मिल रही है।
गर्मी से त्रस्त रहे मरीज
शनिवार को नागरिक अस्पताल में मेडिसिन ओपीडी के बाहर लगी लंबी कतार में लोग भीषण गर्मी से त्रस्त नजर आए। यहां भी काउंटर की समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। दरअसल, 2 बजे तक ही अस्पताल में ओपीडी होती है। इसको देखते हुए सभी मरीजों को परामर्श मिल जाए, इस उद्देश्य से करीब एक घंटा पहले ही पंजीकरण काउंटर बंद हो जाते हैं, जिसके चलते देरी से आने वाले लोगों का न तो पंजीकरण हो पाता और न ही उन्हें इलाज मिल पाता।
परेशान मरीज बोले
बसई से ही आया हूं लेकिन अस्पताल पहुंचने में देरी हो गई, तो कार्ड नहीं बन सका। अब कल सुबह जल्दी आना पड़ेगा।
- राहुल, निवासी बसई
यहां के कर्मचारी बहुत ढीले हैं। ब्लड जांच रिपोर्ट देने में बहुत समय लगाते हैं। करीब आधे घंटे से कतार में खड़ा हूं।
- विजय, निवासी धनकोट
बारिश के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है लेकिन सभी को इलाज दिया जा रहा है और स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई कमी नहीं है। रोजाना ही करीब 1900-2000 मरीज आ रहे हैं लेकिन सभी को उचित परामर्श मिल रहा है। बस देर से आने वालों को थोड़ी दिक्कत हो रही है।
- डॉ. मनीष राठी, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल गुरुग्राम
डॉक्टर की सलाह :
डेंगू व मलेरिया से ऐसे बचें : मानसून के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा निश्चित रूप से बना रहता है। रोजाना ही ओपीडी में 30 से 40 फीसदी मरीजों में बुखार, कॉमन कोल्ड, फ्लू आदि की समस्या देखने को मिल रही है। बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। अपने घरों व आसपास जलभराव न होने दें। बच्चों पर खास तौर से ध्यान दें।
- डॉ. सतीश कौल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा अस्पताल