गुरुग्राम। जयपुर के पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव ने एनएचएआई के रिटायर्ड परियोजना निदेशक एवं कंसलटेंट आरके चावला की 26 अगस्त को हुई हत्या का खुलासा कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ में यह भी स्पष्ट किया है कि हत्या का कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 14 फुट ओवरब्रिज का समय से निर्माण न होने पर कंस्ट्रक्शन कंपनी मैसर्स ई-5 इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लगाया गया साढ़े तीन करोड़ रुपये का जुर्माना रहा है।
यह निर्माण 19 अगस्त 2021 तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन इस अवधि में निर्माण तो दूर, ड्राइंग भी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाई थी। जिसके कारण कंसलटेंट ने कंपनी पर 21 अगस्त को जुर्माना लगा दिया था। वह इस जुर्माना राशि का आदेश निरस्त करने को तैयार नहीं थे। उसी के बाद शूटरों से कंसलटेंट की हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस आयुक्त के अनुसार, हत्या में गिरफ्तार मुख्य आरोपी कंस्ट्रक्शन कंपनी मैसर्स ई-5 इन्फ्रास्ट्रेक्चर के मालिक करणदीप श्योराण (29) निवासी साकेत कॉलोनी जिला हिसार, हाल निवासी गुरुग्राम है। अन्य में नवीन बिस्ला (31) निवासी गांव उरलाना पानीपत हरियाणा, विकास (33) निवासी हिसार सिटी हाल निवासी गुरुग्राम तथा अमित नेहरा (26) निवासी आलमपुर भिवानी हरियाणा हाल निवासी गोल्फ सेक्टर- 65 गुरुग्राम है।
26 अगस्त को हुई थी समीक्षा बैठक
इस मामले को सुलझाने के लिए 26 अगस्त को जयपुर स्थित कार्यालय में समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। जिसमें जुर्माना वापस करने के प्रयास किए गए लेकिन इसमें कंस्ट्रक्शन कंपनी के पक्ष में कोई बात नहीं बन पाई तो बैठक से निकलते ही कंसलटेंट आरके चावला की दो शूटरों से हत्या करा दी गई।
कार्यालय से निकलते ही मारी थी गोली
जयपुर के पुलिस आयुक्त ने बताया कि डीएलएफ (गुरुग्राम) में यूआरएस स्कॉट विल्सन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का मुख्यालय है जो कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 14 फुट ओवरब्रिज का निर्माण कर रही है। इस कंपनी में एनएचएआई के रिटायर्ड परियोजना निदेशक आरके चावला कंसलटेंट के पद पर तैनात हैं। इस कंपनी ने ही मैसर्स ई-5 इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी को 35 करोड़ रुपयों में 14 फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराने का जिम्मा सौंपा था। कंसलटेंट 26 अगस्त को वैशाली नगर स्थित कार्यालय में समीक्षा बैठक के बाद गुरुग्राम वापस आ रहे थे। कार्यालय से निकलते ही रास्ते में दो शूटरों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।