2013 में भी पटौदी में बाहरी लोगों के नमाज पढ़ने के लिए आने पर बात बिगड़ गई थी। उस दौरान प्रशासन ने ग्रामीणों और मुस्लिम समाज के बीच समझौता कराया था। यहां बाहरी लोगों के आने पर पाबंदी लगी थी।
गुरुग्राम के पटौदी में जिस जगह पर नमाज को लेकर विवाद हुआ है, वहां नमाज के लिए बाहरी लोगों के आने पर 2013 में भी बात बिगड़ी थी लेकिन बाद में प्रशासन ने समझौता करा दिया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक मजार को मस्जिद के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया चलने लगी तो पटौदी एसडीएम के द्वारा समझौता कराया गया था।
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इस समझौते के तहत नमाज के लिए बाहरी लोगों को न बुलाने पर सहमति बनी थी, लेकिन इसी बीच पिछले कुछ दिनों से भोड़ाकलां स्थित सैय्यद की पीर पर रंगाई-पुताई व साज-सज्जा का काम चलने लगा था। इससे बाहरी लोगों के आने की आशंकावश कुछ लोगों ने बुधवार शाम को मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया था।
दूसरी ओर मामले की जांच करती हुई पुलिस बाजार में पहुंची और वहां से दो लोगों के मोबाइल जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए। पुलिसकर्मियों ने लोगों से कहा कि वह थाने में आकर अपने मोबाइल ले जाएं। इस पर बाजार में दुकानदारों में भी नाराजगी रही। पुलिस की इस कार्रवाई की वजह से पटौदी बाजार कुछ समय के लिए बंद भी हो गया था।
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स्थानीय निवासी महेंद्र ने बताया कि स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी लोग भी यहां पर आकर नमाज अदा करने लगे हैं। पिछले दिनों एक नमाजी की मोटरसाइकिल भी चोरी हो गई, जिसके लिए बेवजह बाजार के लोगों को जिम्मेदार माना गया।