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अरावली में आखिरकार ड्रोन से सर्वे शुरू

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गुरुग्राम। अरावली में आखिरकार ड्रोन से सर्वे शुरू हो गया। एक दिन में ही वन विभाग ने 1500 हेक्टेयर से अधिक का सर्वे करा लिया है। इससे यह स्पष्ट होगा कि अरावली में कितने अवैध कब्जे या निर्माण हैं। सर्वे के बाद विभाग रिपोर्ट तैयार करेगा। रिपोर्ट के आधार पर ही अवैध कब्जों या निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का खाका तैयार होगा।
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पांच दिन पहले प्रशासनिक बैठक में अरावली में ड्रोन से सर्वे कराने का निर्णय लिया गया था। हालांकि सर्वे तत्काल शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से सर्वे शुरू नहीं हो पा रहा था। वन विभाग की ओर से अब तक चिह्नित की गई 90 साइटों के मालिकों को नोटिस दिया गया है। इनमें बड़ी संख्या में फार्म हाउस और शिक्षण संस्थाओं के साथ सरकारी प्रतिष्ठान भी हैं। सरकारी प्रतिष्ठानों में भोंडसी जेल, दमदमा झील, रिठौज कॉलेज और सोहना टूरिस्ट कांप्लेक्स का कुछ हिस्सा वन विभाग की जमीन में चिह्नित किए गए हैं। इन सभी को वन विभाग नोटिस दे चुका है।
पहले सोहना क्षेत्र में हो रहा है सर्वे : तेजयान
सर्वे के शुरुआती दौर में सोहना क्षेत्र में पड़ने वाली अरावली का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के लिए तीन ड्रोन की मदद ली जा रही है। तीनों की एक प्राइवेट एजेंसी से अनुबंध पर लिए गए हैं। अनुबंध के तहत वन विभाग प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से संबंधित एजेंसी को ड्रोन का भुगतान करेगा। उन्होंने ने कहा कि सोहना के बाद गुरुग्राम और मानेसर क्षेत्र का सर्वे होगा। गुरुग्राम अरावली में कुल 6800 हेक्टेयर में सर्वे कराया जाना है। सर्वे से जो सर्वे सामने आएगी, उसी के आधार पर अवैध निर्माण और कब्जों को चिह्नित किया जाएगा। कार्रवाई के पहले चरण में अवैध निर्माण, कब्जों को नोटिस दिया जाएगा। अगर नोटिस के बाद भी भवन मालिकों ने निर्माण नहीं गिराए तो वन विभाग उनमें तोड़फोड़ करेगा।
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बसी है छोटी-छोटी कॉलोनियां
राजीव तेजयान के अनुसार गुरुग्राम अरावली में फरीदाबाद की खोरी की तरह तो कोई बड़ी कॉलोनी अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन कुछ छोटी-छोटी कॉलोनियां जरूर विकसित की गई है। इन्हें पूरी तरह पक्की कॉलोनी नहीं कह सकते। मजदूर तबके के लोग यहां झुग्गी झोंपड़ी डालकर रह रहे हैं। उन्हें वन विभाग की ओर से पहले भी मौखिक तौर पर झोपड़ियां हटाने के लिए कह दिया गया है। अब कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके खिलाफ सख्ती की जाएगी।
सोहना की पहाड़ कॉलोनी की नोटिस प्रक्रिया दो दिन में
वन मंडल अधिकारी ने कहा कि सोहना की पूरी पहाड़ कॉलानी को अवैध कब्जे या निर्माण के तौर पर चिह्नित किया गया है। पहाड़ कॉलोनी में बने मकान मालिकों को नोटिस देने की प्रक्रिया दो दिन में पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि हर हाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन होगा। कॉलोनी चाहे कितनी पुरानी हो, अमीर या किसी गरीब का मकान हो, सबको नोटिस दिया जाएगा। किसी के प्रति ढिलाई कतई नहीं बरती जाएगी।
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