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चिंटेल्स: 15 दिन में खाली करने होंगे ई और एफ टावर

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जिला उपायुक्त ने दिया आदेश, डीटीपी प्रवर्तन नोडल अधिकारी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किए गए
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आईआईटी की संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट में दोनों टावरों को बताया गया था असुरक्षित


अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में रहने के लिए असुरक्षित घोषित किए गए टावर ई और एफ को प्रशासन ने 15 दिन के अंदर खाली कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही धारा 144 लागू करते हुए आदेश दिया है कि टावरों को खाली करके इस संपत्ति को चिंटेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा जाए। इस काम के लिए प्रशासन ने जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन को नोडल अधिकारी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है।
जिलाधीश निशांत कुमार यादव ने जारी किए गए आदेश में कहा है कि आईआईटी दिल्ली ने चिंटेल्स पैराडाइसो ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के टावर ई और एफ की संरचनात्कम ऑडिट रिपोर्ट (29 जनवरी 2023) के आधार पर इनको रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया है। रिपोर्ट के आधार पर डीटीपी (प्रवर्तन) ने 15 फरवरी को मैसर्स चिंटेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इन टावर्स को खाली कराने के निर्देश दिए थे। चिंटेल्स प्रबंधन ने 28 अप्रैल 2023 को एक मेल के माध्यम से बताया है कि कुछ फ्लैट धारकों ने बार-बार प्रयास करने के बाद भी फ्लैट खाली नहीं किया है। ऐसे में जिलाधीश ने टावर ई और एफ के निवासियों के जीवन और संपत्ति पर आसन्न खतरे को देखते हुए मानव जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरे को रोकने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के साथ दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के आधार पर वहां रह रहे निवासियों को तत्काल फ्लैट खाली करने के आदेश दिए हैं।
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आदेशों में यह भी कहा गया है कि दोनों टावरों में रह रहे निवासियों को आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर परिसर को खाली करने और उसी के खाली कब्जे को मैसर्स चिंटेल्स इंडिया प्राइवेट को सौंपना होगा। आदेशों का पालन कराने के लिए पुलिस बल की सहायता भी ली जा सकती है। आदेशों की अवहेलना में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 और लागू अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आदेश निराशाजनक, विरोध करेंगे फ्लैट मालिक
प्रशासन के ई और एफ टावर को 15 दिन में खाली कराने के आदेश पर चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के अध्यक्ष राकेश हुड्डा कहते हैं कि प्रशासन के फैसले से हम बहुत निराश हैं। यह आदेश पहले से ही परेशान फ्लैट मालिकों को और परेशान कर देने वाला है। बिना किसी पुनर्वास योजना के और बिना किसी सहमति योजना के इस प्रकार के प्रशासन के आदेश का फ्लैट मालिकों के द्वारा विरोध किया जाएगा।
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नौ में से तीन टावर असुरक्षित

गुरुग्राम। 10 फरवरी 2022 में चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी की डी टावर में छठी मंजिल के फ्लैट की छत गिरने से हादसा होने पर दो महिलाओं की मौत हो गई थी। हादसे की जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। नवंबर 2022 में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी जिसमें डी टावर को रहने के लिए असुरक्षित करते हुए ध्वस्त करने की सिफारिश की। निर्माण संबंधी खामियां सामने आने के बाद 29 जनवरी 2023 को ई और एफ टावर को भी रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया। इस तरह सोसाइटी की नौ टावरों में से तीन को अब असुरक्षित घोषित किया जा चुका है।
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