ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आवंटी और किसानों से जुड़ी 27 सुविधाएं ऑनलाइन करने में जुटा है। इसका सॉफ्टवेयर बनाने वाली आईटी कंपनी के चयन के लिए 24 नवंबर को प्रस्तुतीकरण देने के लिए आमंत्रित किया है।
अनुभव, कुशलता के आधार पर टेंडर पास होने के बाद दिसंबर में सॉफ्टवेयर बनाने पर कार्य शुरू हो सकता है।
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपनी भूलेख संबंधी जानकारी, प्रॉपर्टी संबंधी जानकारी, पानी का बिल समेत 27 सुविधाएं और जानकारियों का डाटा ऑनलाइन करने की तैयारी कर रहा है।
प्राधिकरण चाहता है कि कोई आईटी कंपनी ग्रेनो प्राधिकरण का सॉफ्टवेयर विकसित कर ये सुविधाएं ऑनलाइन करें। वहीं, इसमें पारदर्शिता भी बनी रहे, जिससे आवंटियों और किसानों को बेवजह की कागजी कार्रवाई से बचाया जा सके।
अनुमान है कि दिसंबर तक किसी कंपनी को आमंत्रित किया जा सकता है, जिसके बाद सॉफ्टवेयर बनाने का कार्य शुरू किया जा सकता है।
कई सुविधाएं और जानकारियां ऑनलाइन होने के बाद किसान और आवंटियों को प्राधिकरण के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे समय बचेगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सकेगी।