सारा अपने पति विधायक अमनमणि से तलाक लेना चाहती थी। वह मौत की घटना से तीन महीने पहले अप्रैल 2015 में तलाक जल्दी लेने की विधिक राय लेने के लिए सारा मेरे कार्यालय में आई थीं। यह बयान लखनऊ के अधिवक्ता जेपी पांडेय ने सीबीआई कोर्ट में दर्ज कराया। उन्होंने अदालत को बताया कि सारा ने तलाक लेने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी ली थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सारा के पति विधायक अमनमणि पेश नहीं हुए। अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 14 दिसंबर की तारीख लगाई है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता नवनीत त्यागी ने बताया कि सारा के शव का पोस्टमार्टम करते समय शव विच्छेदन करने वाले स्वीपर ज्ञानचंद ने भी बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि सारा सिंह के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के साथ मौके पर मौजूद थे।
ज्ञानचंद ने बताया कि शव से जब सीलबंद कपड़ा हटाया गया तो सारा सिंह के मुंह और नाक पर खून लगा हुआ था। मृतका के कान के दो कुंडल उतारकर उसने पुलिस को दिए थे। जुलाई 2015 में अमनमणि त्रिपाठी व उनकी पत्नी सारा सिंह स्विफ्ट डिजायर कार से दिल्ली आ रहे थे।
कार दुर्घटना में हुई मौत
फिरोजाबाद में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उसमें सारा सिंह की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि अमनमणि को खरोंच भी नहीं आई थी। सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने अमनमणि के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में सीबीआई अमनमणि त्रिपाठी समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र पेश कर चुकी है। वर्तमान में अमनमणि महराजगंज के नौतनवां विधानसभा से निर्दलीय विधायक हैं।