मूल रूप से एटा गांव गादूरी में रहने वाले श्याम पत्नी प्रिया और बेटी कृष्ण के साथ लोनी के शंकर विहार कॉलोनी में रहते थे। वह करावल नगर दिल्ली में एक दुकान पर काम करते थे। प्रिया नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करती थी। श्याम की बड़ी बहन रूमा ने अपने भाई और भाभी को फोन किया था। फोन नहीं उठने पर उसने अपने भाई प्रवीण को उनके घर भेजा।
प्रवीण जब घर पहुंचा तो गेट अंदर से बंद था। उसने अपने भाई और भाभी को आवाज लगाई। अंदर से कोई आवाज ना आने पर प्रवीण घर की दीवार पर सीढ़ी लगाकर घर में दाखिल हुआ। अंदर जाकर देखा तो प्रिया मृतक अवस्था में बेड पर और श्याम फंदे पर लटका हुआ था।
उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना पाकर अंकुर विहार एसीपी भास्कर वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी। परिजनों ने बताया कि दोनों में कई दिनों से विवाद चल रहा था। पत्नी के कहीं और नौकरी करने से घर में विवाद हो रहा था। एसीपी ने बताया मौत की वजह की जानकारी की जा रही है।
हत्या के बाद खींची पत्नी को फोटो, फिर रिश्तेदारों को भेजी
डीसीपी ग्रामीण ने बताया कि श्याम के फोन से पता चला कि उसने पहले अपनी पत्नी प्रिया की हत्या की। हत्या के बाद अपने फोन से उसकी फोटो खींची। फोटो को अपने तीन से चार रिश्तेदारों को भेजा। इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।