4.5 करोड़ में बेच दिए नगर निगम के दो पार्क
गाजियाबाद। विजयनगर जोन की सुदामापुरी कॉलोनी में भूमाफियाओं ने अपनी जमीन बताकर करीब 4.5 करोड़ रुपये में नगर निगम के दो पार्कों बेच दिए। इन पार्कों की जमीन पर प्लॉटिंग कर लोगों को 20 से 30 हजार रुपये प्रति वर्ग गज में बेच दिए। एक पार्क में 10 और दूसरे पार्क में 7 पक्के निर्माण कर मकान और दुकानें बना ली हैं। पार्क की जमीन पर ही लोगों ने धार्मिक स्थल भी बना लिया है।
नगर निगम ने वर्ष 2000 से 2005 के बीच विभिन्न स्थलों से झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को विस्थापित किया था। इनमें से सैकड़ों की संख्या में परिवारों को सुदामापुरी में भी प्लॉट दिए गए थे। नगर निगम ने यहां दो पार्कों के लिए जमीन छोड़ी थी। इसमें एक पार्क की जमीन करीब 1400 वर्ग मीटर और दूसरे की करीब 800 वर्ग मीटर जमीन है। नगर निगम ने इन पार्कों को विकसित न भूमाफियाओं की नजर इन पर टिक गई। उन्होंने अपनी जमीन बताकर यहां प्लॉटिंग कर दी और पार्क की जमीन को 20 से 30 हजार रुपये प्रति वर्ग गज की दर से लोगों को बेच दिया। अब स्थानीय लोगों की शिकायत पर नगर निगम ने जांच कराई तो पार्कों की जमीन बेचने का मामला उजागर हुआ। नगर निगम ने इस मामले में जांच कराई है, जिसमें पार्कों की जमीन को बेचने और उस पर मकान व पक्की दुकानें बना लिए जाने की पुष्टि हुई है।
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एक पूर्व पार्षद का नाम भी आया सामने
पार्क की जमीन बेचने में कई लोगों के नाम जांच में सामने आए हैं। इनमें सपा के एक पूर्व पार्षद और उसके कुछ साथियों का नाम भी सामने आया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि सपा नेता ने अपने साथियों से रजिस्ट्री और एग्रीमेंट कर सरकारी जमीन पर कब्जे कराए गए हैं।
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संपत्ति विभाग ने लगाए लाल निशान, टूटेंगे मकान
नगर निगम के संपत्ति विभाग ने पार्कों की जमीन पर कब्जे करके बनाए गए मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगवा दिए हैं। नगर निगम जल्द ही अभियान चलाकर इन मकानों और दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। निगम की इस कार्रवाई की आशंका के चलते यहां रहने वाले लोग टेंशन में हैं। उनकी खून-पसीने की कमाई अब डूबती नजर आ रही है।
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सऊदी अरब से लौटकर घर बनाया था, अब पता चला कि हुआ धोखा
पति के साथ करीब सात साल तक सऊदी अरब में रहीं आबिदा ने अपनी ज्वेलरी बेचकर और पति ने अपनी पुश्तैनी संपत्ति बेचकर सुदामापुरी में 100 गज जमीन ली थी। आबिदा का कहना है कि उन्होंने अपने पिता के खाते में करीब एक साल की अवधि में 30 लाख रुपये भेजे थे। उन्होंने सुंदर नाम के व्यक्ति को पैसा देकर बेटी के लिए 100 गज जमीन खरीदी थी। आबिदा का कहना है कि सुंदर उसका मुंह बोला भाई था और करीब 8-9 साल तक उन्होंने उसे राखी भी बांधी। वर्ष 2018 में सऊदी अरब से पति की नौकरी छूटी तो उन्होंने गाजियाबाद में अपने प्लॉट में घर बनाकर खुद का कारोबार शुरू करने की तैयारी की। 2019 में लुधियाना में रेडिमेड गारमेंट खरीदने गए, लेकिन वहीं पर हार्ट अटैक से उनके पति का इंतकाल हो गया। मार्च 2020 में आबिदा के पति का भी इंतकाल हो गया और अब नगर निगम उनसे उनकी खून पसीने की कमाई से खरीदी गई जमीन भी छीन रहा है। आबिदा का कहना है कि उसके पास अब घर चलाने के लिए भी पैसा नहीं बचा है। भूमाफियाओं ने उसके साथ धोखा किया और अब नगर निगम उनसे उनका आशियाना छीनने की तैयारी कर रहा है।
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अधिकारी बोले
शिकायत पर मामले की जांच कराई गई है। निगम के दो पार्कों की जमीन पर लोगों ने प्लॉटिंग करके बेच दिया है। इसमें कुछ मकान करीब पांच साल पहले बन चुके हैं और कुछ तीन साल पहले बनाए गए हैं। सरकारी जमीन पर बने मकानों और दुकानों को चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त