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बीमार बच्चों में कोरोना टीके का नहीं हुआ कोई दुष्प्रभाव

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बीमार बच्चों में कोरोना टीके का नहीं हुआ कोई दुष्प्रभाव
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गाजियाबाद। जिले में टीबी से ग्रस्त 12 से 17 वर्ष के 976 किशोर-किशोरी टीकाकरण करा चुके हैं, लेकिन किसी में कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है। इससे सामान्य बच्चों और किशोर वर्ग में टीकाकरण को लेकर उत्साह है। सभी स्कूलों और केंद्रों पर टीकाकरण शुरू होने के बाद महज दो दिन में आंकड़ा नौ हजार से बढ़कर 23 हजार हो गया। अब बच्चे उत्साह के साथ टीकाकरण करा रहे हैं।
किसी बच्चे में नहीं मिला टीकाकरण का दुष्प्रभाव
प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि जिले में 16 मार्च से बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ है, अभी तक एक भी मामला ऐसा नहीं आया है कि किसी बच्चे को कोई परेशानी हुई हो। डॉ. नीरज का कहना है कि बड़ों की अपेक्षा बच्चों में अधिक उत्साह रहता है। अब स्कूलों में अभियान शुरू हुआ है, जल्द ही टीकाकरण पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में वैक्सीन लगने से मामूली लक्षण ही मिले। संक्रमण भी तीन महीने में कम हो गया। एक महीने ही कोरोना के ज्यादा केस आए। ऐसे में तीन जनवरी से 15 से 18 साल के किशोरों को वैक्सीन लगाई जा रही है।
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जनवरी 2021 में शुरू हुआ था वैक्सीनेशन
टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथूरिया का कहना है कि जनवरी 2021 में वैक्सीन लगना शुरू हुई, पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों, इसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाई गई। इसके बाद 60 से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई गई। फिर 18 से अधिक उम्र के लोगों को लगाई जाने लगी। इस साल तीन जनवरी से 15 से 17 की उम्र के किशोरों को टीका लगना शुरू हुआ है। अभी तक 2.30 लाख किशोरों को टीका लगाया जा चुका है।
पहली लहर में घबराहट और दूसरी में ऑक्सीजन और बेड की हुई थी किल्लत
पहली लहर में संक्रमण के बारे में कम जानकारी होने से अव्यवस्था का दौर चल रहा था। मरीज से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक सभी परेशान रहते थे। स्थिति यहां तक थी कि क्वारंटीन सेंटर में आए दिन बवाल होते थे। एक परिवार में एक सदस्य की जांच होती थी तो सभी सदस्यों की निगेटिव रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज कर दी जाती थी। दूसरी लहर में बेड और इलाज की मारामारी मची रही। सबसे अधिक परेशानी सांस फूलने पर ऑक्सीजन और बेड की हुई थी।
टीकाकरण से तीसरी लहर में स्थिति सामान्य
टीकाकरण तेजी से होने के बाद तीसरी लहर सामान्य रही थी। हालांकि संक्रमितों की संख्या बढ़ी थी, लेकिन मरीजों की स्थिति गंभीर नहीं हुई थी। अधिकांश मरीज संक्रमण के बाद घर पर ही स्वस्थ हुए थे।
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एक भी डोज लगी है तो संक्रमण का खतरा कम
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि अगर कोरोना से बचाव के लिए टीके का एक डोज भी लगवा है, तो आपको 98 फीसदी संक्रमण होने का खतरा नहीं है। सीएमओ ने बताया कि एक अध्ययन में पता चला था कि जिन मरीजों ने टीके की एक डोज लगवाई थी और जिसने दोनों डोज लगवाई थी, उनमें संक्रमण का खतरा महज दो फ ीसदी था। यानी शोध के बाद यह पाया गया कि टीके की पहली खुराक के लगने के साथ ही कोरोना संक्रमण से बचने की संभावनाएं 98 फ ीसदी ज्यादा हो जाती हैं।
पहला मामला 4 मार्च 2020 को सामने आया था। मार्च 2021 में 157 संक्रमित
मार्च 2020 से 2021 - 22644 संक्रमित, 102 की मौत
जून 2021 तक 26763 संक्रमित - 360 की मौत
दिसंबर 2021 में संक्रमण बढ़ा, जनवरी के अंत तक 27052 हजार संक्रमित, सिर्फ 430 अस्पतालों में भर्ती। - 14 की मौत
अब तक हुआ टीकाकरण
12 से 14 वर्ष - 23787
15 से 17 वर्ष - 356301
18 से 44 वर्ष - 3886969
45 से 60 वर्ष - 1082803
60 से अधिक - 554431
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