Private schools are charging Rs 1410 for vaccination
फरीदाबाद। कोविड महामारी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से निशुल्क वैक्सीन लगाई जा रही है। बावजूद इसके निजी स्कूल किशोरों से एक डोज के लिए 1410 रुपये वसूल रहे हैं। हैरत की बात है कि इस बारे में न तो स्वास्थ्य विभाग को जानकारी है और न ही शिक्षा विभाग ही इससे परिचित है। वहीं, निजी स्कूलों ने 15 वर्ष से अधिक उम्र के विद्यार्थियों को अपने ही स्कूल में टीकाकरण की बाध्यता का संदेश जारी कर दिया है। फरीदाबाद खंड के कई स्कूलों के ऐसे बाध्यता संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
जिले में करीब 400 निजी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें 99 स्कूलों में योग्य विद्यार्थियों को टीकाकरण के लिए चिह्नित किया गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) सहित आईसीएसई बोर्ड के स्कूल शामिल हैं। सरकारी विद्यालयों में जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से हेल्थ टीम टीकाकरण का जिम्मा संभाल रही हैं, जबकि निजी स्कूलों को सरकारी विभाग की मदद से टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लेकिन वे निजी अस्पतालों से साठगांठ कर डोज लगवाने के लिए रुपये वसूल रहे हैं।
जिला खंड शिक्षा अधिकारी मनोज मित्तल ने बताया कि उन्होंने निजी स्कूलों में सरकारी स्तर पर वैक्सीनेशन कराने के लिए पत्र जारी किया है। इस बाबत वह लगातार अपडेट ले रहे हैं। बावजूद इसके कुछ निजी स्कूल मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने निजी स्कूलों से जवाब तलब किया है। साथ ही अभिभावकों से भी सरकारी स्तर पर टीकाकरण के लिए आग्रह किया है। खंड शिक्षा अधिकारी के अनुसार कुछ स्कूलों की शिकायत मिली, इस पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। सरकारी आदेश के अनुसार निजी स्कूल सरकारी स्तर पर ही टीकाकरण कराएंगे। किसी भी विद्यार्थी पर सेवा शुल्क अदा कर टीकाकरण के लिए अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जा सकता। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने महामारी को कमाई का जरिया बनाने की कड़ी निंदा की है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा और महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा कि इस बाबत शिक्षा मंत्री से ट्वीट कर शिकायत की है। साथ ही जिला प्रशासन से ऐसे निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्ती बरतने का आग्रह किया है।