फरीदाबाद। तपती गर्मी में घंटों बिजली कटौती से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। बुधवार को खेड़ीकला और तिलपत क्षेत्र में पांच से छह घंटे बिजली कटौती की गई, जिससे दिनभर लोग गर्मी से बेहाल रहे। लोगों का आरोप है कि बिजली समस्या को लेकर कई बार जेई, एसडीओ और कार्यकारी अभियंता को फोन किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। लोगों का आरोप है कि बिजली अधिकारी समस्या का समाधान करने की बजाय खानापूर्ति कर रहे है। खेड़ी क्षेत्र में मरम्मत कार्य के लिए बिजली निगम ने शेड्यूल कट लिया था।
बिजली विभाग के अनुसार सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक मरम्मत कार्य चलने के बाद फॉल्ट से जंपर टूट गया। वहीं तिलपत में केबल क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण लोगों को घंटों बिजली कटौती से जूझना पड़ा। लोगों ने कहा कि बिजली संबंधी शिकायत के लिए शिकायत केंद्र पर फोन किया तो कर्मचारियों ने जल्द बिजली आने की बात कही लेकिन इसके बाद भी चार से पांच घंटे परेशानी झेलनी पड़ी। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग में लोगों की कोई सुनवाई नहीं होती है। विभागीय अधिकारी स्वयं तो अपने एसी कमरे में आराम फरमाते हैं और लोग पूरा दिन बिना बिजली के बिता रहे हैं। यही हाल एनआईटी, ग्रेटर फरीदाबाद, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ का हाल है। एनआईटी-5 में हर दो घंटे में लोगों को आधे घंटे बिजली कटौती झेलनी पड़ी।
औद्योगिक क्षेत्रों में दिक्कत ज्यादा
बिजली की घंटों कटौती से जहां आम लोग परेशान हैं, वहीं औद्योगिक क्षेत्र में संकट लगातार बरकरार है। विभाग की ओर से बिना सूचना के बिजली कटौती की जा रही है जिससे उद्योगों में उत्पादन क्षमता पर असर पड़ रहा है। उद्यमियों ने इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात भी की है। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं हो रहा है।
अधीक्षण अभियंता बोले-23 घंटे दे रहे बिजली
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता नरेश कक्कड़ एक बार फिर वही पुराना राग अलापते नजर आए। उन्होंने एक बार फिर कहा कि शहर में बिजली की कोई दिक्कत नहीं है, विभाग की ओर से 23 घंटे से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जा रही है।
सूरज की तपिश से भी लोग बेहाल
बिजली कटौती के साथ ही सूरज की तपिश से लोग बेहाल है। बुधवार सुबह से ही सूरज की तल्ख किरणें शरीर को झुलसने का अहसास कराने लगीं। दिन में 14 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवा लू में तब्दील हो गई। लोग खुद को गर्मी से बचाने के लिए विभिन्न उपाय करते हुए दिखाई दिए। गर्मी के कारण सड़कों और बाजार में लोग कम दिखाई दिए। पार्क सूने नजर आए। गर्मी के चलते पेय पदार्थों की मांग बढ़ने लगी है। जूस, लस्सी एवं कोल्ड ड्रिंक की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। चिकित्सकों के अनुसार डिहाईड्रेशन से बचने का एक मात्र उपाय अधिक मात्रा में तरल पेय पदार्थों का सेवन करना है। गर्मी से त्वचा झुलसने लगती है, जबकि गर्म हवा भी आंखों को नुकसान पहुंचाती है। त्वचा को झुलसने से बचाने के लिए छाते या सूती कपड़े से ढककर निकलना चाहिए।