खोरी गांव का दौरा करते नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल व उपायुक्त यशपाल
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खोरी क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर तोड़फोड़ कार्रवाई से पहले प्रशासन द्वारा की गई पहल का असर दिखाई देने लगा है। गुरुवार को पहले तोड़े गए मकानों व लोगों द्वारा स्वयं खाली किए गए मकानों का मलबा ईट, दरवाजे, खिड़कियां व अन्य सामान लोगों ने खुद ही उठाना शुरू कर दिया है। इसके लिए प्रशासन लोगों की ट्रक व जेसीबी से लगातार मदद कर रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मकानों का मलबा व अन्य सामान को स्वयं उठाया।
प्रशासन द्वारा खोरी क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके पूर्व खोरी निवासियों ने प्रशासन से अपील की थी कि स्वयं ही अपना सामान व निर्माण मलबा उठाना चाहते हैं। इसे लेकर बुधवार देर शाम नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल, उपायुक्त यशपाल व डीसीपी एनआईटी अंशु सिंगला ने पत्रकारवार्ता कर लोगों तक यह संदेश पहुंचाया था कि गुरुवार को तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होगी और लोग यदि चाहे तो स्वयं अपने मकानों का सामान व अन्य मलबा उठा सकते हैं।
सुबह करीब छह बजे नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल, उपायुक्त यशपाल व डीसीपी एनआईटी अंशु सिंगला सहित सभी प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। वहां लोगों को समझाया। इस दौरान सभी अधिकारियों ने कहा कि निर्माण सामग्री जिसमें ईट, चौखट, खिड़की, दरवाजे व अन्य जरूरी सामान है, वह काफी महंगा होता है। ऐसे में जो लोग चाहे तो वह अपना मलबा व जरूरी सामान उठा सकते हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा वहां पर बड़ी संख्या में जेसीबी व ट्रकों का इंतजाम किया गया था।
मलवा बेचने ठेकेदार और सामानों को बेचने के लिए कबाड़ी भी उपलब्ध करवाए। इस दौरान अनेक लोग सामने आए और अपना सामान ले जाना शुरू किया। जेसीबी से मकानों को गिरा कर उसके मलबे व अन्य सामान को ट्रक में भरवा कर ले गए। दोपहर बाद तक काफी संख्या में मकानों का सामान व मलबा उठाया जा चुका था। उपायुक्त यशपाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन हर हालात में की जाएगी। इससे पहले लोगों को यह समय दिया गया है कि वह अपना जरूरी सामान वह मलबा स्वयं ही उठा लें।
100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में
प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव करने आए खोरी गांव, फरीदाबाद के 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को बृहस्पतिवार सुबह हिरासत में ले लिया गया था। प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर मंदिर मार्ग व कनॉट प्लेस समेत कई थानों में रखा गया। कुछ घंटे हिरासत में रखने के बाद प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया था। प्रदर्शनकारियों में पूर्व सांसद व कांग्रेस नेता डा. उदित राज व फरीदाबाद के संजय समेत कई नेता शामिल था। किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है।