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यूक्रेन में फंसी तीर्थनगरी की बिटिया: परिजनों को बताया दर्द, बोलीं- राशन की हो रही दिक्कत, उबालकर पी रहे नल का पानी

Thu, 24 Feb 2022 10:17 PM IST
सुशील कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश

सार

ऋषिकेश के गंगानगर की रहने वाली तमन्ना त्यागी पुत्री अतुल कुमार त्यागी यूक्रेन के इवानो-फ्रन्कीव्स्क शहर में इवानो-फ्रन्कीव्स्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है।
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यूक्रेन में फंसी लड़की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन के बीच जंग छिड़ने से विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के अभिभावकों की चिंता को बढ़ा दिया है। तीर्थनगरी ऋषिकेश के गंगानगर की एक बिटिया तमन्ना त्यागी भी इस समय करीब 500 भारतीय छात्र-छात्राओं के साथ इवानो-फ्रन्कीव्स्क शहर में फंसी है। तमन्ना के माता पिता लगातार बिटिया से फोन पर संपर्क कर उसकी कुशलता की जानकारी ले रहे हैं। वहीं न्यूज चैनल अखबारों के माध्यम से युद्ध के हालातों पर भी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

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ऋषिकेश के गंगानगर की रहने वाली तमन्ना त्यागी पुत्री अतुल कुमार त्यागी यूक्रेन के इवानो-फ्रन्कीव्स्क शहर में इवानो-फ्रन्कीव्स्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। वह एमबीबीएस की तीसरे वर्ष की छात्रा है। तमन्ना भी यूक्रेन में पढ़ाई कर रही है। अन्य छात्र-छात्राओं की तरह युद्ध के कारण इवानो-फ्रन्कीव्स्क शहर में फंसी हुई है। तमन्ना की मां रीना त्यागी ने बताया कि उनकी बेटी शहर की एक बिल्डिंग के फ्लैट में है। उसके साथ एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। देहरादून के कुछ छात्र भी हैं। 

उन्होंने बताया कि बिगड़ते हालात के चलते सभी छात्र-छात्राओं को फ्लैट से बाहर निकलने के लिए मना किया गया है। रीना त्यागी ने बताया कि वह लगातार फोन के माध्यम से अपनी बिटिया के संपर्क में है। हर आधे घंटे बाद उनकी बिटिया से बात हो रही है। बिटिया ने उनको बताया है कि शहर मॉल और बाजारों में खाने पीने के सामान की किल्लत हो गई है। हालांकि, छात्र और छात्राओं ने पहले से कुछ रसद जुटा ली थी। छात्र और छात्राओं को पीने का बोतल बंद पानी भी नहीं मिल पा रहा है। सभी लोग नल के पानी को उबालकर पी रहे हैं। 
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उन्होंने बताया कि बिटिया ने जानकारी दी है कि अभी इवानो-फ्रन्कीव्स्क यूक्रेन में सबसे सुरक्षित शहर है। यहां आस-पास अभी युद्ध के हालात नहीं दिख रहे हैं। यहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले करीब 500 छात्र-छात्राएं शहर में है। आसपास के शहरों से भी विदेशी छात्रों को इवानो-फ्रन्कीव्स्क में लाया जा रहा है। रीना त्यागी के मुताबिक बिटिया तमन्ना ने बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार छात्र-छात्राओं के संपर्क में है। अधिकारियों ने बताया है कि अगले एक-दो दिनों में उन्हें भारत भेजने की व्यवस्था की जाएगी। सबसे पहले छात्र-छात्राओं को हवाई जहाज से पोलैंड या जर्मनी भेजा जाएगा। इसके बाद सभी छात्र छात्राओं को हवाई जहाज के माध्यम से भारत भेजा जाएगा। 

रीना त्यागी ने बताया कि वह और उनके पति अतुल कुमार त्यागी बिटिया की कुशलता को लेकर बेहद चिंतित है। वह लगातार बिटिया को फोन कर उसका हाल-चाल और आसपास के हालात की जानकारी ले रहे हैं। उन्हें यह डर भी सता रहा है कि कहीं मोबाइल नेटवर्क बंद होने से बिटिया से उनका संपर्क कट ना जाए। उन्होंने बताया कि वह न्यूज चैनल अखबारों के माध्यम से भी यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध पर नजर बनाए हुए हैं। 

रीना त्यागी ने कहा कि उन्हें भारत सरकार पर पूरा विश्वास है। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द उनकी बिटिया सहित सभी भारतीय छात्र-छात्राओं को देश वापस लाने की मांग की है। वहीं ऋषिकेश विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी और एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने भारत सरकार से ऋषिकेश की बिटिया को वापस लाने के लिए हर संभव मदद मुहैया कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जल्द ही बिटिया तमन्ना त्यागी अपने माता-पिता के साथ घर पर होगी। उन्होंने कहा कि ठीक है ऋषिकेश का प्रत्येक व्यक्ति तमन्ना की कुशलता की कामना कर रहा है।

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