स्पेशल 4 गैंग द्वारा बनाया गया फर्जी सीबीआई कार्ड
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इन पर वर्ष 2015 लिखा है और तभी से ये लोग ठगी कर रहे हैं। पूछताछ में युवकों ने बताया कि उन्होंने 2013 में रिलीज हुई फिल्म स्पेशल-26 और साउथ इंडियन मूवी बिजनेसमैन-वन देखी थी। इन्हें देखकर उन्हें फर्जी सीबीआई अधिकारी बनने का आइडिया मिला था।
इन युवकों को गाड़ी किराए पर देने वाले दो भाइयों आकाश और हरदीप निवासी धामा एंकलेव लोनी को पुलिस ने गवाह बनाया है। पुलिस अब जांच कर रही है कि इनकी ठगी का शिकार कितने लोग बने हैं।
ऐसे करते थे ठगी
चारों युवक कई कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर रेड कर चुके हैं। कार्रवाई न करने के एवज में कारोबारियों से मोटी रकम वसूलते थे। उनका रेड डालने और बातचीत करने का अंदाज बिल्कुल अधिकारियों जैसा था। ऐसे में लोग चकरा जाते थे। इसके अलावा यह जॉब लगवाने के नाम पर भी रकम वसूलते थे।
एसएसपी ने बताया कि हाल ही में इन युवकों ने इंदिरापुरम क्षेत्र के दो लोगों को सीबीआई में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर करीब 50 हजार रुपये ठग लिए थे। वह बीच-बीच में युवकों से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिखाकर 8-10 हजार रुपये ले लिया करते थे। इसके बाद फरार हो जाते थे। हाल ही में नौकरी नहीं मिलने पर पीड़ितों ने इंदिरापुरम पुलिस से शिकायत की थी।
पढ़े लिखे हैं सभी आरोपी
विशाल दुबे बीएससी का छात्र है। विवेक दुबे एमए फाइनल ईयर का छात्र है और एसएससी की तैयारी कर रहा है। संदीप बीएससी एग्रीकल्चर का छात्र है, जबकि राहुल शर्मा 10वीं पास है।
सच में न बन सका तो झूठा सीबीआई अफसर बना
पुलिस के मुताबिक विशाल दुबे का सपना था कि वह सीबीआई अफसर बने, उसने परीक्षा भी दी, लेकिन पास नहीं हो पाया। इसके बाद वह फर्जी अफसर बन गया। उसके पास से बरामद लैपटॉप की स्क्रीन पर भी उसने अपना फोटो और सीबीआई का लोगो डाल रखा था। वह अपने गांव में भी खुद को सीबीआई का अधिकारी बताता था।