अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन करते नर्सिंग के छात्र- छात्राएं। अमर उजाला
नर्सिंग भर्ती परीक्षा कराने की मांग को लेकर बीते लंबे समय से आंदोलनरत कर रहे बेरोजगार बुधवार को मुख्यमंत्री से एक कार्यक्रम में मिलने जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें अनुमति न होने का हवाला देते हुए रोक दिया। इस दौरान पुलिस और युवाओं के बीच नोक झोंक भी हुई। युवाओं को सीएम को ज्ञापन भेज जल्द भर्ती परीक्षा कराने की मांग की।
बुधवार को आईआरडीटी सभागार में दुग्ध विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। जिसकी खबर लगते ही नर्सिंग भर्ती परीक्षा कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे बेरोजगार युवा वहां पहुंच गए और सीएम धामी से मिलने की मांग करने लगे। हालांकि पुलिस और सुरक्षकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। इस दौरान आंदोलनकारी युवाओं और पुलिस के बीच नोक झोंक भी हुई। आंदोलनकारी युवाओं ने बताया कि पिछले साल दिसंबर माह में नर्सिंग भर्ती लिखित परीक्षा के आधार पर निकाली गई थी। लेकिन सरकार की ओर से चार बार लिखित परीक्षा को निरस्त किया गया। इतना ही नहीं अब स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बयान जारी कर भर्ती प्रक्रिया वरिष्ठता के आधार पर करने की बात कही है। जिससे युवाओं में भारी रोष है। आंदोलनकारी युवाओं ने मांग करते हुए कहा कि वरिष्ठता के बजाए लिखित परीक्षा के आधार पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।