वहीं, उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से बदरीनाथ की चोटियों पर गुरुवार रात को बर्फबारी हुई। जबकि, केदारनाथ में शुक्रवार को तड़के से हल्की बारिश होती रही। इस दौरान वासुकीताल, दुग्ध गंगा और चोराबाड़ी क्षेत्र में तेज बर्फबारी हुई।
केदारपुरी क्षेत्र में भी कुछ देर तक बर्फ की फुंआरें गिरीं। केदारनाथ में मौजूद यात्रा प्रभारी युद्धवीर सिंह पुष्पवाण ने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी व केदारपुरी में बारिश से ठंड बढ़ गई है।
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सीजन का चौथा हिमपात
पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों हंसलिंग, पंचाचूली, राजरंभा में भी शुक्रवार को सीजन का चौथा हिमपात हुआ है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हिमपात के चलते मुनस्यारी में अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पथरी: बारिश और तेज हवा से जमीन पर बिछी धान की फसल
सितंबर खत्म होने को है और मानसून की मेहरबानी किसानों के लिए मुसीबत बन गई। गुरुवार रात को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से किसानों की धान की तैयार फसल जमीन पर बिछ गई। फसल गिरने से धान का दाना काला पड़ने से नुकसान उठाना पड़ सकता है। पथरी क्षेत्र के ग्रामीण कई हेक्टेयर में धान की फसल उगाते हैं।
बासमती, सरबती धान, पूसा बासमती 1509, सरबती पूसा बासमती-1, पूसा बासमती 1121 की फसल लगभग तैयार है। अब जबकि किसान फसल काटने की तैयारी कर रहे थे तो बारिश ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुरुवार देर रात को क्षेत्र में हवाओं के साथ हुई बारिश के बाद शाहपुर, बादशाहपुर, शेरपुर, नई कुंडी, भट्टीपुर, नसीरपुर कलां, धारीवाला, टिकौला, हरसीवाला, रानीमाजरा, भुवापुर चमरावल, शिवगढ़, फुलगढ़, गोविन्दगढ़, दुर्गागढ़, आदर्श टिहरी नगर, टिहरी डोब नगर, अम्बूवाला, झाबरी, धनपुरा घिस्सूपुरा, पदार्था, बिशनपुर, पुरानी कुंडी, चांदपुर, कटारपुर, फेरुपुर में धान की फसल गिर गई।
किसान सरदार करण सिंह, रामेश्वर, भजन सिंह, लक्ष्मण सिंह, जोगेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, देशराम सैनी, नीशू सैनी, मोहित सैनी का कहना है कि कुछ ही दिनों बाद धान की फसल की कटाई शुरू होनी है। धान की फसल गिरने से उत्पादन पर असर पड़ेगा और जो दाना होगा वह काला हो सकता है। ऐसे में बाजार में उसके उचित दाम नहीं मिलेंगे।