विनियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर करीब दो माह से धरना प्रदर्शन कर रहे उपनलकर्मचारियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान उनकी पुलिस से जमकर धक्का-मुक्की हुई। बाद में प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और मुख्य सचिव को मौके पर बुलाने पर अड़ गए। हालांकि अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में उपनलकर्मी शनिवार को दून पहुंचे और परेड मैदान में एकत्र हुए। इस दौरान मांगें पूरी न होने और कर्मियों को हटाए जाने के विरोध में राज्य सरकार का पुतला फूंका। उन्होंने राज्य सरकार और सैनिक कल्याण मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कर्मचारी जुलूस की शक्ल में मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना हुए।
पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इसको लेकर दोनों पक्षों में काफी देर तक बहस और नोक-झोंक होती रही। धक्का-मुक्की के बाद पुलिस किसी तरह उन्हें रोकने में कामयाब हो गई। इसके विरोध में प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए। उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री हेमंत रावत ने सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार किसी भी कर्मचारी को सेवा से न हटाने का दावा कर रही है। वहीं दूसरी ओर विभाग लगातार कर्मचारियों को नोटिस जारी कर रहे हैं।
इसमें मुख्य रूप से मुख्य संयोजक आंदोलन महेश भट्ट, विनोद गोदियाल, दीपक चौहान, विजय राम खंखरियाल, विपिन सवाल, भावेश जगूड़ी, हरीश कोठारी, हरीश पनेरु, दीवान सिंह, अमित लाल, जितेंद्र बिष्ट, संदीप रावत, भारतेंदु नेगी, योगेंद्र बडोनी, दीपा नेगी, दीपक नौडियाल, गरिमा डोभाल समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
मंत्रियों के आश्वासन पर उपनलकर्मियों का आंदोलन खत्म
कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत और गणेश जोशी के आश्वासन के बाद उपनलकर्मियों ने पिछले 55 दिनोंसे चल रहा अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। दोनों नेताओं ने कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने कहा कि वो सोमवार से अपने काम पर लौटेंगे।
सड़क पर धरना प्रदर्शनकरने के बाद दोनों कैबिनेट मंत्री देर रात उनके पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री ने कार्रवाई को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। संभावना है कि 22 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट में उनका मामला रखा जाएगा। इसके बाद कर्मचारियोंने सोमवार से काम पर लौटने की घोषणा की।
उपनल कर्मचारी महासंघ केप्रदेश अध्यक्ष कुशाग्र जोशी ने कहा कि 22 अप्रैल की कैबिनेट में उनका मामला रखेजाने का आश्वासन मिला है, जिसके बाद सबने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है।
पानी की टंकी पर चढ़े प्रदर्शनकारी
पुलिस के बैरिकेडिंग पर रोकने के बाद कुछ प्रदर्शनकारी सर्वे चौक पहुंचे और वहां पानी की टंकी पर चढ़ गए। इससे वहां हड़कंप मच गया। प्रशासन व पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनसे नीचे उतरने की अपील की।
हालांकि उन्होंने मांग पूरी होने तक टंकी से उतरने से इनकार कर दिया। बाद में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उपनल नेताओं को मौके पर बुलाया और उनकी मदद से प्रदर्शनकारियों को नीचे उतारा।