फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया देश की नई हेली नीति का एलान, नहीं लगेगा लैंडिंग और पार्किंग शुल्क

Fri, 08 Oct 2021 11:26 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

New Heli Policy of India: शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स (फिक्की), उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सहयोग से तीसरे हेली सम्मेलन में नई हेली नीति की घोषणा की।
विज्ञापन
उत्तराखंड पहुंचे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उत्तराखंड से देश की नई हेली नीति की घोषणा की है। देश में हेली सेवा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस नीति में 10 प्रमुख बिंदुओं पर फोकस किया है। आपातकालीन हेलीकॉप्टर चिकित्सा सेवा के लिए देश में तीन एक्सप्रेस-वे विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा चार शहरों में हेली हब बनाए जाएंगे। एयर ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए विमान और हेली सेवाओं के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित होंगे। देश में कहीं भी हेली सेवाओं पर लैंडिंग और पार्किंग शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

विज्ञापन


शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री सिंधिया जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स (फिक्की), उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सहयोग से तीसरे हेली सम्मेलन में नई हेली नीति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हेली उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई नीति बनाई है। वर्तमान में देश में मात्र 190 हेलीकॉप्टर संचालित हैं। नई नीति में आपातकालीन हेलीकॉप्टर मेडिकल सेवा के लिए दिल्ली मुंबई, अंबाला-कोटपुली, अंबाला-भटिंडा-जामनगर के बीच एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा।

जिससे मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके। इसके अलावा मुंबई के जुहू, गुवाहाटी, दिल्ली और बंगलूरू चार हेली हब बनाए जाएंगे। 10 शहरों में 82 रूटों को हेलिकॉप्टर कॉरिडोर विकसित करने के लिए चिह्नित किया गया है। शुरुआत में चार हेलिकॉप्टरों के साथ 6 मार्गों को चालू किया जाएगा। जो जुहू-पुणे, मालालक्ष्मी रेस कोर्स-पुणे, गांधीनगर-अहमदाबाद के बीच होंगे।
विज्ञापन


उत्तराखंड: देहरादून से कई रूटों के लिए शुरू हुई हवाई सेवा, जौलीग्रांट एयरपोर्ट की क्षमता पांच गुना बढ़ी

उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति के लिए केंद्रीकृत हेली सेवा पोर्टल बनाया गया है। जिससे हेली कंपनियों को अनुमति के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हेली कंपनियों को देश में कहीं भी हेलिकॉप्टर की लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में छूट दी जाएगी। भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण और हवाई यातायात नियंत्रण के अधिकारियों को हेली सेवाओं से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए प्रशिक्षित कर और संवेदनशील बनाया जाएगा। हेलीकॉप्टर उद्योग के लिए नियामकीय सुगमता में सुधार के लिए एक सलाहकार निकाय का गठन किया जाएगा।

हर जिले के डीएम को देंगे हेली दिशा पुस्तिका
केंद्रीय मंत्री कहा कि देश के हर जिले के जिलाधिकारी को हेली दिशा पुस्तिका दी जाएगी। जिसमें हेलीकाप्टर संचालन के लिए मानकों की जानकारी होगी। सरकार का प्रयास है कि डिजिटल के माध्यम से हेली सेवा संचालन की अनुमति देकर मानवीय दखल कम कर सके। रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर नागरिक उड्डयन नियमों के अनुरूप वायु रक्षा मंजूरी को पहले आधे घंटे के बजाय तीन घंटे तक बढ़ा दिया गया है। इससे हेली सेवाओं के संचालन में बड़ी राहत मिलेगी। इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने हेली दिशा पुस्तिका का विमोचन किया। 

उत्तराखंड आएं हेली कंपनियां, सरकार सहयोग करने को तैयार : सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेली कंपनियों को उत्तराखंड आकर हवाई सेवाएं संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने हेली कंपनियों की हर समस्याओं का समाधान करने साथ सरकार सहयोग करने को तैयार है। 

जौलीग्रांट एयरपोर्ट में हेलीकाप्टर सम्मेलन में प्रदेश में हेली सेवाओं को बढ़ावा देने और संभावनाओं पर मंथन किया गया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि देश का आम नागरिक भी हवाई सेवा का लाभ उठाए। इस पर सरकार काम कर रही है। प्रदेश में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।

सरकार सरलीकरण, समाधान और निपटारा के मंत्र के साथ हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में कार्य करेगी। प्रदेश के लोगों को सस्ती हवाई सेवा मिले। इस पर सरकार हेली कंपनियों को सुविधा देने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलिकॉप्टरों की अहम भूमिका होती है। आपदा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में हेलिकॉप्टरों ने हमेशा जीवनदायिनी की भूमिका निभाई है।

प्रदेश में हेली सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एविएशन टर्बो फ्यूल (एटीएफ) पर लगने वाले वैट को 18 प्रतिशत कम कर मात्र दो प्रतिशत किया है। केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि हिमालय क्षेत्रों में हेलीकाप्टर की भूमिका और ज्यादा बढ़ जाती है। उन्होंने कहा एयर एंबुलेंस, एयर टैक्सी एवं आपदाओं में हेलीकॉप्टर की अहम भूमिका रहती है। हिमालयी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर काम किया जाएगा। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड में एयर टैक्सी पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा टिहरी झील में सी-प्लेन उतारे का प्रयास जारी है।
विज्ञापन

ड्रोन स्पोर्ट्स में हब बने उत्तराखंड, केंद्र देगा पूरी मदद

जिस हिसाब से देहरादून की वादियां और यहां की खूबसूरती के बीच नई तकनीकी पर काम चल रहा है, वह निश्चित तौर पर न केवल एक बड़ी समस्या का समाधान बनेगी बल्कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान कायम करेगी। शुक्रवार को ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित देहरादून ड्रोन मेला में पहुंचे नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि ड्रोन स्पोर्ट्स में उत्तराखंड का नाम हो, इसके लिए केंद्र सरकार पूरी मदद देने को तैयार है।

शुक्रवार को मालदेवता में आयोजित ड्रोन मेला में बीएसएफ के जवानों ने पैराग्लाइडिंग में करतब दिखाए। इसके अलावा हर्ष सचान ने पैरामोटर का प्रदर्शन किया। एक कंपनी ने फसलों पर दवाओं के छिड़काव करने वाले ड्रोन पेश किए। एसडीआरएफ ने इमरजेंसी सर्च और राहत देने वाले ड्रोन का प्रदर्शन किया। मेले में स्वामित्व सर्वे के लिए उपयोग होने वाले ड्रोन का प्रदर्शन भी किया गया। 

कार्यक्रम में आईटीडीए के निदेशक डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में एनटीआरओ के साथ मिलकर ड्रोन एप्लीकेशन एंड स्टेट सेंटर शुरू हुआ है। इस सेंटर की नोडल एजेंसी आईटीडीए है। 2019 प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए गढ़वाल में ड्रोन की मद से सैंपल कलेक्ट किया गया था। चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में ड्रोन का काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। 2021 में चमोली के रैंणी में आई आपदा में भी आईटीडीए ने 3-डी प्रिंटर का इस्तेमाल लापता लोगों को सर्च करने और कई सौ परिवारों को कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में किया गया था। एग्रीकल्चर, माइनिंग, प्रॉपर्टी टैक्स सहित कई क्षेत्रों में आज ड्रोन का इस्तेेमाल किया जा रहा है। 

मुख्य अतिथि नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अवसरों का लोकतांत्रिकरण होना चाहिए। उत्तराखंड को न केवल एयरोस्पोर्ट्स बल्कि ड्रोन स्पोर्ट्स में भी पूरे भारत का केंद्र बनाने के लिए काम करें। इसका प्रस्ताव केंद्र को दें और सरकार इसमें पूरी मदद करेगी। उन्होंने आईटीडीए के थ्री-डी प्रिंटेड ड्रोन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में पहली बार ऐसा ड्रोन देखा है। कार्यक्रम में नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जनरल(रिटायर्ड) वीके सिंह सहित मंत्रालय व बीएसएफ के अधिकारी मौजूद रहे।

देहरादून में मैंने पांच साल गुजारे हैं, यह मेरा घर है
नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे ही लोगों से रूबरू होने लगे तो वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने देहरादून के द दून स्कूल में पांच साल गुजारे हैं। यहां के मौसम से लेकर हर चीज से वह वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून मेरे लिए घर जैसा है। घर वापस जब कोई आता है तो जाहिर तौर पर खाली हाथ नहीं आता। इसलिए  आज 457 करोड़ का एयरपोर्ट लेकर आया हूं। नए हेलीकॉप्टर मिलेंगे। निश्चित तौर पर उत्तराखंड की पहचान बढ़ेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें