जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में एसआईटी टीम के सदस्य सीओ सदर पीएल टम्टा, एसएसआई महेश रावत व तकनीकी विशेषज्ञ प्रो. आरपी गुप्ता ने छापेमारी की। टीम ने दो दिनों तक संस्थान में हुई अवैध नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज खंगाले।
जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी पौड़ी में एसआईटी की टीम ने अवैध नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज खंगाले। एसआईटी की तीन सदस्यीय टीम ने संस्थान में दो दिनों तक डेरा डाले रखा। इस दौरान टीम को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे। जिन्हें टीम ने सीलबंद कर लिया है। टीम के अध्यक्ष एसएसपी पौड़ी ने कहा कि एसआईटी संस्थान में हुई अवैध नियुक्तियों को लेकर जांच कर रही है। टीम को कई दस्तावेज मिले हैं। उन्होंने बताया कि कई दस्तावेज अभी भी संस्थान से गायब है। जिसको लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए संस्थान प्रशासन को नोटिस दिया गया है।
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जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में एसआईटी टीम के सदस्य सीओ सदर पीएल टम्टा, एसएसआई महेश रावत व तकनीकी विशेषज्ञ प्रो. आरपी गुप्ता ने छापेमारी की। टीम ने दो दिनों तक संस्थान में हुई अवैध नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज खंगाले। संस्थान में वर्ष 2018-19 में कुलसचिव, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्तियां हुईं। जिसको लेकर संस्थान के निलंबित कुलसचिव संदीप कुमार पर अवैध तरीके से नियुक्तियों के आरोप लगाए गए। जिसमें उनकी कुलसचिव पद पर नियमित नियुक्ति पर सवाल उठाए गए।
मामले में विभिन्न संगठनों के साथ ही संस्थान के कर्मचारी संगठन ने लगातार आंदोलन किया। मामले में शासन ने कुलसचिव संदीप कुमार को 20 सितंबर 2021 को निलंबित कर दिया था। स्क्रीनिंग कमेटी, सलेक्शन कमेटी से जुड़े दस्तावेज गायब होने पर उनके खिलाफ कार्यवाहक कुलसचिव डॉ. संजीव नैथानी ने 30 अक्तूबर 2021 को पौड़ी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। शासन ने 29 नवंबर 2021 को मामले में एसआईटी का गठन किया। जिसकी अध्यक्षता एसएसपी पौड़ी को सौंपी गई। एसआईटी को पहले अवैध नियुक्तियों व भ्रष्टाचार की जांच करनी थी। लेकिन बाद में एसआईटी को कुलसचिव के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच भी सौंप दी गई।
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एसआईटी टीम के अध्यक्ष व एसएसपी पौड़ी यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि टीम ने अवैध नियुक्तियों से जुड़े अहम दस्तावेज कब्जे में लेकर सीलबंद कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि मामले में अभी भी कई दस्तावेज लापता है, जिसको लेकर संस्थान प्रशासन को नोटिस दिया गया है।