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पंजाब में कांग्रेस का संकट: प्रभारी हरीश रावत ने कहा- सिंह वही होता है जो मोर्चे पर खड़ा रहता है

Fri, 01 Oct 2021 12:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाजपा में जाने की संभावना से जुड़े सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि अमरिंदर सिंह अकाली दल में चले गए थे। अपनी पार्टी बनाई थी, बुरी तरह से हार गए थे।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पंजाब कांग्रेस के प्रभारी व एआईसीसी के महासचिव हरीश रावत ने कहा कि सिंह वही होता है, जो मोर्चे पर खड़ा रहता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह सेकुलर हैं और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए उनके मन में बहुत सम्मान है।

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हरीश रावत देहरादून में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के भाजपा में जाने की संभावना से जुड़े सवाल पर रावत ने कहा कि अमरिंदर सिंह अकाली दल में चले गए थे। अपनी पार्टी बनाई थी, बुरी तरह से हार गए।

तब हम कहते सिंह इज किंग
कांग्रेस ने उनको साथ लिया और राज्य का मुख्यमंत्री बनाया। रावत ने कहा कि अमरिंदर सिंह की मजबूरियों पर वह सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करना चाहेंगे। लेकिन अमरिंदर सिंह की यह परीक्षा है कि आज जिस समय कांग्रेस इतिहास की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है, उन्हें कांग्रेस के मोर्चे पर खड़ा रहना चाहिए था, चाहे पद मिले न मिले। तब हम कहते सिंह इज किंग। 
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कैप्टन-शाह की मुलाकात: पंजाब में जारी उठापटक की छाया उत्तराखंड कांग्रेस पर भी पड़ेगी भारी

पूर्व मुख्यमंत्री ने नवजोत सिंह सिद्धू पर कहा कि सिद्धू की मुख्यमंत्री से बात हो रही है। वह चाय के निमंत्रण पर जा रहे हैं। पंजाब के स्तर पर वे समाधान निकाल लेंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धू कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। 

भाजपा में सबकुछ दो घरों से तय होता है

हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है। उनकी पार्टी वैचारिक स्वतंत्रता रही है। हम भाजपा की तरह नहीं। अब दो घरों में तय होता है और सारी भाजपा मुहर लगाने का काम करती है। 

उत्तराखंड में जनता हर पांच साल में परिवर्तन लाती है
हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में परिवर्तन शब्द अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में इसका विशेष अर्थ है, क्योंकि यहां जनता हर पांच साल में परिवर्तन लाती है। दूसरे विकल्प को अवसर देती है। 

आठ लाख स्वरोजगार! होली के दिन भी कोई इतना बड़ा मजाक नहीं करता
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के दावे पर तंज किया। कौशिक ने कहा था कि भाजपा सरकार में आठ लाख लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा गया। इस दावे पर हरीश रावत ने कहा कि इतना बड़ा मजाक तो कोई होली के दिन भी नहीं करता। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल में 80 हजार लोगों को भी स्वरोजगार दिया हो तो वह मुख्यमंत्री को पद्मश्री देने की सिफारिश कर देंगे।

देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर उत्तराखंड में
हरीश रावत ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर उत्तराखंड में है। बेरोजगारी के मुद्दे पर हमने कहा है कि कांग्रेस सरकार बनने पर एक साल में 22 हजार खाली पदों को भरेंगे। हर साल 10 प्रतिशत नए पद सृजित करेंगे। तीन साल में जिन युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा, उन्हें बेरोजगारी भत्ता देंगे।
 
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न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी

आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड में एक लाख नौकरियां देने के दावे पर हरीश रावत ने तंज किया कि न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी। उन्होंने कहा कि साढ़े सात साल में दिल्ली वाले साढ़े छह हजार लोगों को नौकरी दे सके। वह यहां एक लाख लोगों को नौकरियां कैसे देंगे?

उनको संदेह था, टिकट नहीं मिलेगा
पुरोला के विधायक राजकुमार के कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि कुछ स्थानीय कारण होते हैं। वह जहां से आए थे, वहां चले गए। हम इससे चिंतित नहीं है। बल्कि उनको टिकट मिलेगा, उनको संदेह था। हमारे पास सशक्त विकल्प हैं। 

हम सभी गणेश गोदियाल के साथ चलेंगे
विधानसभा चुनाव में चेहरे पर जाएंगे या सामूहिक नेतृत्व के साथ उतरेंगे, इस प्रश्न के उत्तर में हरीश रावत ने कहा कि बिना टीम बनाए कोई लक्ष्य नहीं है। वन मैन टीम नहीं होती है। दोनों का समिश्रण कर चलेंगे। हमने सबके चेहरे अध्यक्ष में समाहित कर दिए। सभी गणेश गोदियाल के साथ चलेंगे। 

2002 में मैं सर्वमान्य चेहरा था, तिवारी सीएम बने
मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री चयन की एक प्रक्रिया होती है। 2002 में मैं सर्वमान्य चेहरा था, लेकिन तिवारी मुख्यमंत्री बनें।
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