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पीड़ित नहीं अपराधी भी बन सकते हैं साइबर के जाल में

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सोशल मी िसाइबर की दुनिया में आप पीड़ित ही नहीं, बल्कि जानकारी के अभाव में अपराधी भी बन सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि साइबर सुरक्षा के उन गुरों को जान लिया जाए जो आपको फंसने से बचा सकती है।
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उपरोक्त बात सीओ साइबर अंकुश मिश्रा ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित पत्रकारों की कार्यशाला में कहे। बताया कि अब तक सभी को पता है कि वह सिर्फ पीड़ित बन सकता है। यानी उसके साथ ठगी हो सकती है, लेकिन कई ऐसे मामले भी हैं जहां आप अपराधी भी बन सकते हैं। बताया कि सोशल मीडिया पर अधिक वायरल हो रही पोस्ट भी अपराधी बना सकती है। मसलन किसी घटना के बारे में कोई पोस्ट वायरल है और उसे आपने भी वायरल कर दिया, जबकि वह घटना न तो हुई और इससे आने वाले समय में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है। ऐसे में आप भी अपराधी बन गए। यही नहीं आपको यदि कोई बैंक खुलवाने का लालच देता है और आपने खाता खुलवा लिया। इसके बाद फंड आने शुरू हो गए।
पुलिस आप तक पहुंची तो पता चला कि यह सब साइबर ठगी से प्राप्त पैसा है। ऐसे में आप भी अपराधी हो गए। सीओ साइबर ने अन्य जानकारियां भी पत्रकारों को दीं। इसके बाद डीजीपी अशोक कुमार ने साइबर जागरुकता के प्रमाणपत्र भी वितरित किए। इस मौके पर एडीजी संचार अमित सिन्हा, एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह, उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी, यूनियन संरक्षक नवीन थलेड़ी, उपाध्यक्ष आशीष ध्यानी, महासचिव हरीश जोशी, उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष जितेंद्र अंथवाल, महामंत्री ओपी बैंजवाल, मनमीत रावत, संजय किमोठी, राजू पुशोला, अनुपम त्रिवेदी, चंद्रशेखर बुडाकोटी, इंद्रेश कोहली, शशि शेखर, संजीव कंडवाल आदि मौजूद थे।
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