इन्होंने केवल वहीं बैठे-बैठे कोरोना की फर्जी जांच रिपोर्ट जारी की हैं। बड़ी संख्या में रिपोर्ट जारी कर फर्जी बिल तैयार किए गए। इन फर्जी बिलों के आधार पर पांचों लैब ने तीन करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान भी राज्य सरकार से हासिल कर लिया है। ईडी की जांच अभी जारी है।
शुक्रवार को जो दस्तावेज, फर्जी बिल और लैपटॉप जब्त किए गए थे, उनकी जांच भी शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में इन पांचों लैब के भ्रष्टाचार की और परतें खुलेंगी।
इन पांच लैब्स का केस हुआ है दर्ज
ईडी ने नोवस पैथ लैब्स, डीएनए लैब्स, मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज, डॉ. लाल चंदानी लैब्स प्राइवेट लिमिटेड और नलवा लेेेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का केस दर्ज किया है।