इस बरसात में भी जनता झेलेगी परेशानी
भाबर की लाइफ लाइन कोटद्वार-हल्दूखाता-चिलरखाल मार्ग पर मोटाढाक में स्थित मालन पुल को टूटे हुए करीब साढ़े ग्यारह महीने हो चुके हैं। अब फिर से मानसून आने वाला है। ऐसे में बरसात में नदी के उफान से जमा मलबे से नदी का रुख डायवर्ट होने और कार्यदायी एजेंसी का सामान बहने का भी खतरा बना है। बरसात के खतरे को देखते हुए लोनिवि अब नदी में गिरे पुल के स्लैब को हटाने में जुट गया है। बहरहाल इस बरसात में भी भाबर की करीब 50 हजार की आबादी, सिडकुल कर्मी, नौकरीपेशा लोगों को वैकल्पिक मार्गों से ही आवाजाही करनी पड़ेगी।
कब क्या हुआ
चिलरखाल-सिगड्डी कोटद्वार मार्ग पर स्थित मालन नदी में 13 जुलाई, 2023 को 325 मीटर स्पान के पुल का एक पिलर धंसने के बाद पुल टूटकर नदी में जा गिरा था। पुल पर सभी 12 पिलर का नए सिरे से वेल तकनीक पर निर्माण व सुरक्षा के लिए शासन की ओर से 26.76 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। बीते 2 फरवरी को पुल निर्माण के लिए भूमि पूजन हुआ था। विभाग को पुल के स्लैब लिफ्टिंग का सामान जुटाने में ही काफी समय लग गया। बीती 15 मई से क्षतिग्रस्त ढांचे के पहले स्लैब को हटाने की कवायद शुरू हुई थी जो 22 जून को पूरी हुई।
पुल के पहले स्लैब को हटाने में कामयाबी मिल गई है। अब कार्य तेजी से कर दूसरे स्लैब को हटाने के साथ ही पिलर के लिए फाउंडेशन का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। इस साल के दिसंबर माह तक पुल का निर्माण पूरा कर आवागमन शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है।
- डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा।