जोर-जोर से चिल्लाने लगे यात्री
घटना से बस में सवार सभी 30 यात्रियों की जान हलक में अटक गई। कई यात्री जोर-जोर से चिल्लाने लगे। बस चालक ने सभी को धैर्य से काम लेने और शांत रहने को कहा। इस दौरान वहां मौजूद अन्य वाहन संचालकों और स्थानीय लोगों ने बस में सवार सभी यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।
दो घंटे मशक्कत के बाद सड़क पर आई बस
सूचना पर पुलिस दल भी मौके पर पहुंच गया था। पुलिस दो घंटे की मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों की मदद से लकड़ी के तख्त व गुटखों के सहारे बस को वापस सड़क तक लाई। दोपहर 12.30 बजे बस अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई। गुप्तकाशी व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष मदन सिह रावत ने बताया कि चालक की सूझबूझ ने बड़ा हादसा टल गया। जहां पर बस अनियंत्रित हुई, वहां पर 500 मीटर गहरी चट्टानी खाई है। पुलिस उपाधीक्षक हर्षवर्धनी सुमन ने बताया कि मैक्स को पास देते समय बस का अगला हिस्सा सड़क से बाहर आ गया था। सभी यात्री सुरक्षित हैं।